कमालगंज। मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा शनिवार को मानवाधिकारः समकालीन विश्व में चुनौतियाँ, कानून व प्रौद्योगिकी का विकसित परिदृश्य” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने वर्तमान समय में मानवाधिकारों के समक्ष उभरती चुनौतियों, डिजिटल युग में गोपनीयता के अधिकार पर संकट आदि पर मंथन किया। साइबर अपराधों से सतर्क रहने पर जोर दिया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रोफेसर अजय भूपेंद्र जायसवाल ने कहा कि मानवाधिकार मानव समाज को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सऐप और एआई आधारित तकनीकें लोगों को निशुल्क सेवाएं प्रदान कर रही हैं लेकिन इसके बदले में वे उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी एकत्र कर लेतीं हैं।
मुख्य अतिथि अपर जिला जज संजय कुमार ने कहा कि समाज में संपन्न वर्ग द्वारा गरीबों के अधिकारों का अतिक्रमण किया जाना एक गंभीर समस्या माना गया। जब तक समाज में सभी को अच्छी शिक्षा और आर्थिक समानता सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक मानवाधिकारों की वास्तविक स्थापना संभव होना कठिन होगा।
डॉ. राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय की डॉ. शकुंतला संगम ने मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आमजन को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।
कुलपति डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में मानवाधिकारों की सुरक्षा बड़ी चुनौती जरूर है, पर हमें इस चुनौती से पार पाना ही होगा। कुलसचिव रणजीत यादव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई, डाटा सुरक्षा और ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजक विधि संकाय के डीन डॉ. राजपाल सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों में समसामयिक मुद्दों की गहन समझ प्रदान करते हैं।
स्मारिका का भी विमोचन किया गया।अधिवक्ता जवाहर सिंह गंगवार, सुरेंद्र कुमार राणा, रमेश चंद्र ने भी विचार रखे। संचालन शक्ति सिंह व शैली बब्बर ने किया। डॉ. बिंदु राठौर, प्रो. शेरीन पी. एलेक्स, डॉ निखिल श्रीवास्तव भी रहे।