फर्रुखाबाद। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लिंजीगंज और जिले की आठ सीएचसी का ई-अस्पताल के रूप में चयन हुआ है। इनमें पेपरलेस काम शुरू किया जाएगा। मरीज का पूरा डाटा ऑनलाइन होगा। डॉक्टर अपने चैंबरों में कंप्यूटर पर ही दवा लिखेंगे। मरीज ई-कार्ड से दवा लेंगे और सभी जांचें भी करवा सकेंगे। कागज का काम पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
जिले का लोहिया अस्पताल, लिंजीगंज के अलावा बरौन, राजेपुर, कायमगंज, मोहम्मदाबाद, कमालगंज, नवाबगंज, शमसाबाद, कंपिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का चयन ई-अस्पताल में किया गया है। अब इनको पूरी तरह कंप्यूटरीकृत कर दिया जाएगा। अस्पताल का पूरा डाटा विशेष सॉफ्टवेयर में दर्ज होगा। मरीजों का ई-कार्ड बनेगा। इससे आगे चलकर किसी भी काम के लिए बजट मिलने के बाद होने वाली मनमानी भी रुकेगी।
मरीज का ई-कार्ड बनेगा। जिसमें उनका एक पंजीकरण नंबर होगा। अस्पताल में डॉक्टर से लेकर सभी स्थानों पर मरीज को कार्ड का सिर्फ नंबर बताना होगा। यही नहीं मरीज के इलाज का पूरा डॉटा सॉफ्टवेयर पर मौजूद होगा। लिहाजा प्रदेश के किसी भी ई-अस्पताल में दिखाते वक्त डॉक्टर को पिछले इलाज की आसानी से जानकारी हो जाएगी।
लिंजीगंज अस्पताल को ई-अस्पताल बनाने के लिए 26 लाख रुपये का बजट मिल गया है। इसी के अनुरूप व्यवस्थाएं जुटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। बजट आचार संहिता लगने से पूर्व ही स्वीकृत हो चुका था।
सॉफ्टवेयर पर कैसे काम किया जाएगा। इसके लिए डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, लैब टेक्नीशियन, दवा वितरक कर्मियों आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी। सभी कर्मियों को प्रशिक्षण के बाद ऑनलाइन काम शुरू किया जाएगा।
लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि ई-अस्पताल होने के बाद मरीज के साथ डॉक्टर को भी सहूलियत होगी। मरीज पर्चा खो देता, तो पिछली दवाएं भी बता नहीं चल पातीं। कागजों में खर्च के साथ समय भी बर्बाद होता है। अस्पताल का पूरा लेखा जोखा कोई भी ऑनलाइन देख सकेगा। आचार संहिता हटने के बाद बजट मिलने की उम्मीद है।