फर्रुखाबाद। अमेठी कोहना में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण के दो साल बाद भी भूमिगत पाइपलाइन डालने के लिए खोदी सड़क का निर्माण नहीं कराया। एनओसी देने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने नोटिस देने की जरूरत भी नहीं समझी। ऐसे में ऐतिहासिक भैरों मंदिर जाने वाले हजारों श्रद्धालु परेशान हैं। कार्यदायी संस्था भी इसको लेकर अनजान बनी बैठी है।
शहर के अमेठी कोहना में करीब दो साल से एसटीपी संचालित है। इससे पहले कार्य दायी संस्था ने पीडब्ल्यूडी से एनओसी प्राप्त कर सलावत खां के पास टुकी से धारानगरी तक एक करोड़ रुपये की लागत से बनी हॉटमिक्स सड़क खोदकर पाइपलाइन डाली थी। इसी भूमिगत पाइपलाइन को धारानगरी से माधौपुर वहां से टटिया, भैरों मंदिर तिराहा होकर एसटीपी तक ले जाया गया था। एसटीपी की कार्यदायी संस्था ने जिन मार्गों को खोदा था उसे दोबारा बनाने के लिखित वायदे पर पीडब्ल्यूडी ने एनओसी दे दी थी। डेढ़ साल के लंबे अंतराल के बाद कार्यदायी संस्था ने धारानगरी मार्ग का निर्माण तो कराया, मगर टटिया से अमेठी कोहना जाने वाले मार्ग पर गिट्टी डालकर छोड़ दी।
एसटीपी का संचालन भले ही करीब दो साल पहले शुरू हो गया हो, मगर कार्यदायी संस्था ने अभी तक खोदकर डाला गया मार्ग नहीं बनवाया। छह-सात माह पहले टटिया पुलिया से एसटीपी तक गिट्टी डालकर रोलर चलवा दिया, मगर उस पर हॉटमिक्स करने की जरूरत नहीं समझी। इस मार्ग से भैरों मंदिर दर्शन के लिए रोजाना हजारों लोग जाते हैं। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों ने भी उन्हें नोटिस देकर निर्माण पूरा कराने की जरूरत नहीं समझी।
-
टटिया गांव में आफत बन जाती बारिश
भैरों मंदिर लिए शहर के बड़ी संख्या में लोग गंगा दरवाजा से टटिया होकर जाते हैं। टटिया गांव के मुख्य मार्ग को भी खोदा गया था। इस मार्ग का निर्माण भी नहीं हो सका। यहां बारिश होते ही वाशिंदों के लिए बड़ी मुसीबत हो जाती है।
-
कई दिक्कतों के चलते हुई देरी, शीघ्र कराएंगे निर्माण: एई
एसटीपी कार्यदायी संस्था के एई वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि गिट्टी पड़ चुकी है। कुछ दिक्कतों के चलते उस पर आगे का काम नहीं हो सका। अब शीघ्र ही निर्माण कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।