फर्रुखाबाद। धूप खिलने से आस्था की नगरी मेला रामनगरिया में रौनक और बढ़ गई है। संतों ने शोभायात्रा निकालकर गंगा मइया से कोरोना से निजात की प्रार्थना की। शोभायात्रा में हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के जयकारे और घंटा-घड़ियाल की धुन गूंजती रही।
पांचाल घाट भागीरथी के तट पर बसी आस्था की नगरी को 12 दिन बीत गए। मौसम की बेरुखी से मेले में रौनक नहीं थी। शुक्रवार भोर से ही धूप खिल गई। संतों ने गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। मेला बाजार व मनोरंजन, कल्पवास क्षेत्र में चहल-पहल दिखी। बाजार में महिलाओं ने खरीदारी और झूलों का आनंद लिया। वैष्णव संप्रदाय अखिल भारतीय श्रीपंचतेरा भाई त्यागी खालसा के महंत बालक दास की अध्यक्षता में बरगदिया घाट क्षेत्र से शोभायात्रा निकाली गई।
इसमें साधु-संत अपने हाथों में हनुमानजी के तीन निशान लेकर सबसे आगे चल रहे थे। उसके पीछे पालकी पर ठाकुरजी विराजमान थे। श्रद्धालु पुष्प वर्षा कर रहे थे। गंगा के तट पर शोभायात्रा पहुचीं तो जयकारों से गंगा तट गूंज उठा। संतों ने तीन निशानों को गंगा स्नान कराया। कोरोना महामारी से निजात के लिए गंगा मइया से प्रार्थना की। बाद में परिक्रमा मार्ग से आश्रम पहुंची। प्रसाद वितरण किया गया है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन किया गया। इसमें महंत विष्णुदास महाराज, महंत जगदीश दास, बजरंगदास त्यागी महाराज, महंत नारायण दास, जयरामदास, रघुवीर दास त्यागी, महंत फूलदास आदि साधु संत मौजूद रहे।
अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़ा के महंत नारायण दास की देखरेख में बटेश्वर धाम से शोभायात्रा निकाली गई। इसमें चार वीर हनुमानजी के निशान आगे चल रहे थे। साधु-संतों ने करतब भी दिखाए। हनुमानजी के निशानों को पहली सीढ़ी पर गंगा स्नान कराया गया। पांचवीं सीढ़ी होते हुए अपने आश्रम पर पहुंचे। बाद में प्रसाद बांटा गया। इसमें गोपाल दास, रामदास, हरिदास, श्याम किशोर दास, गणेश दास, चंद्रिका दास, रेशमादासी आदि मौजूद रहे।
रामनगरिया मेला में निकाली गई शोभायात्रा में शामिल साधु-संत। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
शोभायात्रा में शंख बजाते साधु। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD