फर्रुखाबाद। सूबे की सरकार ने जिले को सूखा ग्रस्त घोषित किया है। सोमवार को राहत के लिए इंतजामों की गाइड लाइन तो जिले पर भेज दी है, सूखा राहत के लिए बजट मुहैया नहीं करवाया है। इसके लिए प्रस्ताव भी नहीं मांगा गया है। इससे यह राहत कागजी साबित हो सकती है।
जिले में औसत से कम बरसात से खरीफ की फसलें प्रभावित हुई हैं। अखिलेश सरकार ने राहत देने के लिए जिले को सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया है। सोमवार को प्रमुख सचिव अशोक कुमार वर्मा ने राहत के देने के लिए इंतजामों की गाइड लाइन जारी कर दी है।
गाइड लाइन के मुताबिक 31 मार्च 2016 तक किसानों की वसूली स्थगित कर दी गई। एपीएल कार्डधारकों को भी राशन कोटे की दुकानों से भी गेहूं दिया जाए। वृद्धों, अक्षमों व निराश्रितों के लिए राहत कैंप शुरू किए जाएं। यहां सामुदायिक रसोईघरों के जरिए इन्हें भोजन व नि:शुल्क अनाज मुहैया करवाया जाए। पशुओं के लिए खोले गए राहत कैंपों में चारे की व्यवस्था रहे। मवेशियों का टीकाकरण भी किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग पीएचसी व सीएचसी में जीवन रक्षक दवाओं का इंतजाम करे। पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कराया जाए। देहात व नगरीय इलाकों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। मनरेगा से लोगों को रोजगार दिया जाए। हैंडपंप व नलकूपों को दुरुस्त कराया जाए।
वर्जन
शासन से राहत के लिए फरमान मिला है। सूखा राहत के लिए कोई बजट मुहैया नहीं कराया गया। इसके लिए डिमांड भी नहीं मांगी गई। - कुलदीप, दैवीय आपदा लिपिक