शहर के नालों की सफाई के लिए चार माह से चल रहे अभियान की बुधवार दोपहर डेढ़ घंटे की बारिश ने पोल खोल दी। चोक होने के कारण नालों में बाढ़ आ गई। इससे घरों में गंदा पानी भर गया। घरों में रखे कपड़े व अन्य सामान भीग गए।
शहर में छोटे बड़े मिलाकर 26 नाले हैं। इनकी तड़ी झाड़ सफाई जून से पूर्व कराने का नगर पालिका प्रशासन ने दावा किया। फरवरी 2018 से सफाई अभियान भी शुरू कराया गया। यह अभियान कागजों में दौड़ता रहा। फतेहगढ़ नगर में मोहल्ला भूसामंडी-हाथीखाना के मध्य बने नाले की सफाई फरवरी में दो दिन की गई। जिस कारण उसकी पटियां भी टूट गईं। इसके बाद सफाई बंद कर दी गई। शहर के मोहल्ला तलैया में नाला सफाई के नाम पर खानापूरी की गई। इसी तरह अन्य नालों का सफाई अभियान कागजों में होता रहा।
डेढ़ घंटे हुई बारिश में फतेहगढ़ के भूसामंडी-हाथीखाना और शहर के मोहल्ला तलैया, गंगा नगर कालोनी, अंगूरीबाग, छावनी समेत अन्य मोहल्लों के नाला उफना गए। इनका पानी नाले किनारे रहने वाले लोगों के घरों में भर गया। पानी भरने से घर में रखा सामान भीग गया। जलभराव होने के कारण लोगों का आवागमन तक बंद हो गया। घरों में भरे गंदे पानी को बाल्टी से निकाला गया।
मोहल्ला भूसामंडी निवासी गुड्डा, रामबाबू, हरीबाबू का कहना है कि नाला चोक हो गया था। इस कारण घरों का पानी नहीं निकल पा रहा था। डीएम और एसडीएम सदर को नाले की सफाई करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। नगर पालिका अध्यक्ष पति निरीक्षण करने आए। इसके बाद भी नाले की सफाई समय से नहीं कराई। जिस कारण बारिश में घरों में पानी भर गया।