डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध किया विरोध
अमृतपुर। निर्देश देने के बावजूद रैपिड रिस्पांस टीम ने सामुदायिक रसोईघर के कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया। एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम ने टीम के दो डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई को सीएमओ को पत्र लिखा। इसकी जानकारी पर टीम ने विरोध शुरू कर दिया। काली पट्टी बांध कर क्वारंटीन सेंटरों पर स्वास्थ्य परीक्षण का काम किया। डॉक्टरों ने कहा कि झूठी शिकायत करने वालों पर 25 तक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को रणनीति बनाएंगे।
कोविड-19 के नोडल अधिकारी अपर श्रमायुक्त कानपुर मंडल ने 10 मई को सामुुदायिक रसोईघर अमृतपुर का निरीक्षण किया था। उन्होंने वहां काम करने वाले कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने सीएचसी राजेपुर प्रभारी को कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाने को कहा, लेकिन जांच नहीं की गई।
एसडीएम ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा कि 13 मई को डा. प्रतिभा व डा. पुनीत सामुदायिक रसोईघर गए और वहां मौजूद लेखपाल पवन कुमार व संग्रह अमीन दीनबंधु से पूछा कि यहां किसी को कोरोना है क्या। इस पर रसोइयों ने मना कर दिया। डॉक्टरों ने किसी का परीक्षण नहीं किया।
इस पर डीएम ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीएमओ को आदेश दिया और एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी। इसकी जानकारी पर शुक्रवार को रैपिड रिस्पांस टीम के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध कर विरोध करते हुए काम किया।
उन्होंने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने संबंधी न लिखित न मौखिक निर्देश दिया गया। एसडीएम उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। डा. पुनीत पांडेय, डा. प्रतिभा सिंह, डा. कल्पना चौहान, डा. कृष्णकांत, डा. आफता रहीश, डा. निर्दोष व कर्मचारी सुनीत मिश्रा आदि रहे।