अमृतपुर। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। सबलपुर पीएचसी में सोमवार को डाॅक्टर गायब रहीं। एलटी ने मरीज देखकर दवाई दी। वहीं अमृतपुर पीएचसी में करीब एक माह एलटी गायब है। बाढ़ग्रस्त गांवों में इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।
राजेपुर ब्लॉक सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित है। इससे यहां खांसी, जुकाम, बुखार व खुजली के मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों की मनमानी से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। इससे बाढ़ पीड़ित भी परेशान हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंचनपुर सबलपुर में डाॅ.नेहा गुप्ता की तैनाती है। सोमवार को वह ड्यूटी पर नहीं थीं। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर अक्सर गायब रहती हैं।
डाॅक्टर न आने और फार्मासिस्ट की ड्यूटी सीएचसी में लगने से लैब टेक्नीशियन अमन कुमार ने ही मरीज देखकर दवा दी। वार्ड बाॅय विशाल कनौजिया, स्टॉप नर्स रन सिंह ने दवा वितरण में सहयोग किया। इस पीएचसी से गांव आशा की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायलपुर, कुबेरपुर, कुतुलूपुर, रतनपुर, कुसुमापुर, बामियारी, अमीराबाद, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, उदयपुर, बरुआ आदि गांव के मरीज दवा लेने आते हैं। इसके बावजूद डाॅक्टर के न आने से एलटी के सहारे अस्पताल चल रहा है।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर में लैब टेक्नीशियन सोनाली पाल तीन अगस्त से गायब हैं। इसकी जानकारी डाॅ. गौरव वर्मा ने सीएचसी प्रभारी डाॅ. प्रमित राजपूत को दी। इसके बावजूद एलटी ड्यूटी पर नहीं आई और न ही सीएचसी प्रभारी ने कोई कार्रवाई की। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि सबलपुर की डाॅक्टर से जानकारी की जाएगी अस्पताल क्यों नहीं जा रही है। एलटी के बारे जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।