अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले भर में तमाम कार्यक्रमों का
आयोजन किया गया। जिलेभर के तमाम मंचों से महिला सशक्तीकरण की तमाम बातें
हुईं लेकिन दिन ढलते-ढलते ये सब हर साल की तरह खत्म हो गया। साथ खड़ा हो
गया जलता हुआ सवाल कि क्या महिला दिवस अपनी सार्थकता तक पहुंच पाया है।
वास्तव में समाज में महिला को सशक्त करने की इच्छा शक्ति है।
तमाम
कार्यक्रमों का निष्कर्ष निकला कि महिला को सम्मान पाने के लिए स्वयं का
सम्मान करना सीखना होगा। ऐसा करके ही वे संपूर्ण समाज से सम्मान पा सकेंगी।
साथ ही कन्या भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को समाज से पूरी तरह से मिटाना होगा
तभी इस दिन को सार्थकता दी जा सकेगी।
महिलाओं के उत्थान की ली शपथ
वैश्य सेवा परिषद ने गोष्ठी का आयोजन किया। यहां महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ ली गई।
आवास
विकास कालोनी में रविवार को हुई गोष्ठी में महिलाओं ने गरीब तबके की
महिलाओं की मदद करने की शपथ ली। सुनीता गुप्ता ने कहा कि जो गरीब महिलाएं
आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहीं उन्हें चिन्हित
कर उनकी मदद की जाएगी।
कहा कि शिक्षित बच्चे ही अच्छे और सभ्य समाज
का निर्माण करते हैं। सपा महिला सभा की महानगर अध्यक्ष वीना शर्मा ने आए
दिन युवतियों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने पर बल दिया। बैठक में मंजू
देवी, कविता आजाद, निर्मला देवी, नीतू, प्रीति, अर्चना, रामा सक्सेना, ममता
मिश्रा, कुसुमा, लक्ष्मी देवी, कविता, निर्मला, लता, प्रीति गुप्ता,
सरिता, श्वेता, सोनी, अर्पणा, रंजना, कमलेश, रंजीता, अनुपमा, गुड्डी, आदि
मौजूद रहीं।
स्वावलंबी और जागरूक बनें महिलाएं
जनतंत्र
क्रातिकारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओें की जागरूकता पर जोर दिया।
उन्हाेंने कहा कि महिलाएं एकजुट रहें। शहर के पल्ला स्थित कार्यालय पर हुई
गोष्ठी में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा हुई। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के
लिए शहर से गांव तक अभियान चलाने की रूपरेखा तय की गई। संगठन के प्रदेश
अध्यक्ष उत्तम कुमार ने कहा कि समाज में महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस
करती हैं।
मातृशक्ति के पिछड़ने से समाज की तरक्की बाधित होगी। पढ़ी
लिखी महिला दो परिवारों को आगे ले जाती है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान
किया कि वह अपने ऊपर पड़े निराशा के पर्दे को हटाकर समाज में कंधे से कंधा
मिलाकर चलें। अध्यक्षता कर रहे रामनरायन मिश्रा ने कहा कि महिलाओं के
जागरूक होने से समाज की उन्नति होगी। उन्होंने जिले में दम तोड़ रही कानून
व्यवस्था पर चिंता जताई।
शिक्षित महिला समाज का दर्पण - उपासना
भारतीय
मानवाधिकार एसोसिएशन की महिला विंग की ओर से लोहिया अस्पताल में मरीजों को
फल, दलिया आदि वितरित किया गया। सपा कार्यालय पर गरीब महिलाओं को साड़ियां
भी बांटी गईं। डा. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल में प्रसूताओं को भारतीय
मानवाधिकार एसोसिएशन जिला प्रमुख व सपा महिला सभा की जिला अध्यक्ष
सुलक्षणा सिंह के नेतृत्व में फल, चाय, बिस्कुट, दलिया बांटा।
इसके
बाद नारेबाजी करते हुए महिलाओं का जत्था समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचा।
यहां 15 गरीब महिलाओं को साड़ियां दी गईं। सुलक्षणा सिंह ने कहा कि समाज
में आज भी महिलाएं असुरक्षित हैं। सपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह यादव ने कहा
कि समाज में महिलाओं के बिना संसार की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। सपा महिला सभा की जिला सचिव उपासना
तोमर ने कहा कि महिलाओं के
मान सम्मान की रक्षा राष्ट्र रक्षा के
समान है। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिला समाज का दर्पण होती है। इस मौके पर
सुनीता गुप्ता, मीरा सिंह, मुन्नी देवी, ऊषा कश्यप, शीला, पार्वती, जनक
दुलारी, राजेश्वरी, रजनी देवी, कलावती, अर्चना दीक्षित आदि मौजूद रहीं।
बहू को बेटी माने सास
महिला
दिवस पर समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण पर बल
दिया। डा. अनीता यादव ने कहा कि बेटी हमेशा बेटी रहती है। सास बहू को बेटी
मानें तो तमाम समस्याएं समाप्त हो सकती हैं। रविवार को लोहाई रोड स्थित
बैडमिंटन हाल में हुए कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने कहा कि
नगर को साफ रखने में महिलाओं का अहम योगदान है।
मुख्य अतिथि वीना
त्रिपाठी ने कहा कि महिलाओं को अपनी बच्चियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान
देना चाहिए। पढ़ी लिखी महिला समाज को एक नई दिशा दे सकती है। डा. अनीता
रंजन ने कहा कि समाज में महिला और पुरुष के औसत में काफी गिरावट हो रही है।
होली मिलन समारोह के चलते महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत
किए। चित्रा अगिभनहोत्री और चमन शुक्ला का नृत्य सराहा गया।
बेटियां समाज के लिए रहमत
सोशल
वेलफेयर सोसाइटी की बैठक में बेटियों की शिक्षा दीक्षा पर जोर दिया गया ।
वक्ताओं ने कहा कि बेटियां समाज के लिए रहमत हैं। इनकी तालीम और अच्छी
परवरिश करना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। मोहल्ला कटरा बक्शी में इशरत
मीर के आवास पर हुई बैठक में अध्यक्ष दिलशाद खां ने कहा कि इस्लाम ने औरत
को बुलंद मुकाम दिया है।
उन्होंने कहा कि लड़कियों को अच्छी तालीम
देने से समाज में सुधार आएगा। रियाजुद्दीन ने कहा कि गरीबों और असहायों की
मदद करना अल्लाह की इबादत के समान है। सचिव खुर्शीद अहमद खां ने कहा कि
प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी 23 मई को गरीब मुस्लिम परिवारों की बेटियों
के सामूहिक निकाह कराए जाएंगे। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई
है। यहां नईम उल्लाह, इफ्तिदार अली, नबी शेर खां, नसीम अंसारी, आकिल वारसी,
परवेज अली आदि मौजूद रहे।