सीबीएसई की तर्ज पर शुरू हुए शैक्षिक सत्र को सफल बनाने के लिए आयोजित
शिक्षक उन्नयन संगोष्ठी में जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने शिक्षकों को
शैक्षिक गुणवत्ता सुधार का पाठ पढ़ाया। डीएम ने कहा कि परिषद से जो पंचांग
आया है उसी के आधार पर बच्चों को शिक्षा दी जानी है। उधर, संगोष्ठी के
दौरान कई शिक्षक सभागार से बाहर घूमते रहे।
राजकीय बालिका इंटर कालेज
फतेहगढ़ में शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शैक्षिक उन्नयन
संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें इंटर कालेजों के प्रधानाचार्य शामिल हुए।
संगोष्ठी में डीएम ने कहा कि सीबीएसई की तर्ज पर माध्यमकि शिक्षा का सत्र
शुरू हुआ है। किस माह स्कूल में क्या होना है इस संबंध में शिक्षा निदेशक
कार्यालय से शैक्षिक पंचांग डीआईओएस
कार्यालय में आ गया है। यह पंचांग सभी
स्कूलों के प्रधानाचार्यों को दिया जा रहा है। ताकि इसी के तर्ज पर पढ़ाई,
खेलकूद और परीक्षा कराई जा सके। जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने कहा
कि मूल्यांकन के कारण प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई थी। अब
मूल्यांकन समाप्त हो गया है। शिक्षकों को रिलीव कर दिया गया है। वह
प्रतिदिन विद्यालय जाएं। सभी प्रधानाचार्य प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर कर
शीघ्र रिपोर्ट दें। शिक्षण में कोई दिक्कत आ रही है तो उसकी जानकारी
कार्यालय में तत्काल उपलब्ध
कराएं। इससे उसका समाधान किया जा सके। जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने कहा कि अगर शिक्षक समय से विद्यालय
जाए और शिक्षण कार्य पूरा करे तो शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होना तय है।
इस दौरान प्रधानाचार्य महेश वर्मा, श्यामपाल सिंह यादव, जीजीआईसी की
प्रधानाचार्या मीना यादव, जिला समन्वयक एसके पांडेय, प्रधानाचार्य योगेश
तिवारी समेत कई स्कूलों के प्रधानाचार्य व शिक्षक मौजूद रहे।