फर्रुखाबाद। मानसिक प्रताड़ना से परेशान नवाबगंज सीएचसी प्रभारी ने दो माह का चिकित्सीय अवकाश मांगा। उन्होंने सीएमओ को पत्र भेजकर मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मांगी है।
स्वास्थ्य विभाग में अचानक बदले माहौल से कर्मचारी से लेकर अधिकारी व ठेकेदार परेशान हैं। हालांकि कोई भी खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। शुक्रवार को नवाबगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश शर्मा का सीएमओ को भेजा गया पत्र वायरल हो गया। सीएचसी प्रभारी ने कहा कि वह लेबल-3 के डॉक्टर हैं और 20 वर्ष से पूर्ण मनोयोग से सेवा दे रहे हैं। इसके बाद भी कुछ माह से वेतन अवरुद्ध कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका मई का रोका गया वेतन अभी तक नहीं मिला। अब जून का वेतन रोकने के आदेश कर दिए गए। मानसिक प्रताड़ना व तनाव से वह हाइपरटेंशन से पीड़ित हो गए हैं। इससे वह चिकित्सीय अवकाश पर जा रहे हैं।
उन्होंने सीएमओ से दो माह का चिकित्सीय अवकाश देने और शनिवार से मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मांंगी है। कहा कि दो माह बाद वापस आकर वह फिटनेस प्रमाणपत्र देंगे। पता चला है कि सभी सीएचसी प्रभारियों की बैठक बुलाई गई थी। इसी के बाद किसी बात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि घर में माता-पिता बुजुर्ग हैं। पत्नी का आसाम के लिए स्थानांतरण हो गया। बच्चा इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। ऊपर से वेतन रुकने से वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्हें इलाज की जरूरत है। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस प्रताड़ना से परेशान हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि उन्हें अभी इस तरह का कोई पत्र नहीं मिला है। उनके पहले के सीएमओ चार डॉक्टरों का वेतन रोक गए थे, उनमें डॉ. लोकेश शर्मा का नाम भी शामिल है। यदि उन्हें कोई समस्या है तो बात कर समाधान किया जाएगा।