हड़ताल की वजह से बंद पड़ी चीनी मिल की डिस्टिलरी।
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पांच दिन से बंद है डिस्टिलरी व एथेनॉल प्लांट
कायमगंज। चीनी मिल की डिस्टिलरी में कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पांच दिन से यहां रेक्टिफाइड स्प्रिट व एथेनॉल का उत्पादन बंद है। फिलहाल इस मामले में कर्मचारियों को वापस काम पर बुलाने के लिए कोई पहला नहीं की गई है।
घाटे में चल रही चीनी मिल को कुछ घाटे से उभारने के लिए 30 साल पहले डिस्टिलरी लगाई गई थी। यहां मिल से निकले शीरे से रेक्टिफाइड स्प्रिट बनाई जाती है। पांच साल पहले इसी में एथेनॉल प्लांट लगाया गया। इसे चलाने में कुछ न अड़चनें आती गईं। इसके बाद 2017 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा स्वच्छता अभियान के तहत प्लांट बंद करा दिए।
इससे खर्च बढ़ने से घाटा बढ़ता चला गया। इसके बाद मिल संघ ने जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) प्लांट लगवाया। इसे लगाने में 26 करोड़ की लागत आई। इस सत्र में डिस्टिलरी व एथेनॉल प्लांट चालू कराया गया। बीच में कभी ईंधन तो कभी अन्य तकनीकी खराबी से प्लांट बंद होता और चलता रहा। यहां काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 10 माह से वेतन नहीं मिल रहा है।
इससे वे पांच दिन पहले काम ठप कर हड़ताल पर चले गए। तब से डिस्टिलरी व एथेनॉल प्लांट बंद है। साथ ही प्लांट के कूलर में कुछ तकनीकी खराबी भी हो गई। उसे दुरुस्त करने लिए भेजा गया है। फिलहाल इस समस्या का समाधान होता भी नजर नहीं आ रहा है। यहां रोज 15 हजार लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट व 15 हजार लीटर एथेनॉल का उत्पादन होता है। इस मामले में डिस्टिलरी इंचार्ज आरके मिश्रा ने बताया वे किसी काम से बाहर हैं। जब वे वहां पहुंचेंगे तब वे उत्तम एनर्जी के ठेकेदार से वार्ता कर समस्या का समाधान करेंगे।