फर्रुखाबाद। नवजात शिशु भी बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। लोहिया महिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के सभी 12 बेड फुल हैं। वार्ड में इस समय नवजात भर्ती हैं।
नवजात शिशुओं के लिए महिला अस्पताल में बनी एसएनसीयू यूनिट में 12 बेड हैं। इस यूनिट में 28 दिन तक के बच्चों का इलाज किया जाता है। इस वक्त यूनिट में हालात ऐसे हैं कि 16 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। दो दिन पहले इस यूनिट में 22 बच्चे भर्ती बताए जा रहे हैं। बच्चों का जीवन बचाने के लिए एक बेड पर दो-दो बच्चों को भी भर्ती करना मजबूरी हो गया है। बच्चों के साथ आए तीमारदार कई-कई दिनों से वार्ड के सामने बने बरामदा और गेलरी में जमीन पर लेटे रहते हैं।
सीएचसी-पीएचसी और निजी अस्पतालों से आते हैं बच्चे
जिले के सीएचसी और पीएचसी पर जो बच्चे जन्म लेते हैं और उनमें वजन अथवा कोई अन्य बीमारी दिखने पर उन्हें यहां रेफर कर दिया जाता है। कई तीमारदार निजी अस्पतालों में डिलीवरी करवाने के बाद बच्चों को यहां भर्ती करते हैं। इसीलिए क्षमता से अधिक बच्चे हो जाते हैं। एसएनसीयू वार्ड प्रभारी डॉ. शिवाशीष उपाध्याय ने बताया कि मासूमों को भर्ती करना मजबूरी है। कोशिश रहती है कि बच्चे की जान बच जाए। कुछ बच्चे एक-दो दिन रखकर मां के पास शिफ्ट कर देते हैं।