एनएकेपी डिग्री कालेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं। संवाद न्यूज एजेंसी
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एनएकेपी पीजी कालेज विश्वविद्यालय में अनुदान आयोग की ओर से दो दिवसीय ‘महात्मा गांधी: व्यक्तित्व, विचार व दर्शन’ विषय पर संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। इसमें महात्मा गांधी के राजनैतिक दर्शन, सर्वोदय विचारधारा, स्वच्छता आंदोलन, अस्पृश्यता निवारण एवं शिक्षा संबंधी विचारों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य अतिथि एमकेएस राठौर ने कहा कि महात्मा गांधी स्वच्छ विचारधारा वाले लोगों का साफ-सुथरा देश देखना चाहते थे।
कालेज में संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि एमकेएस राठौर, विशिष्ट अतिथि बद्री विशाल कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. एके शुक्ला, रुद्र नरायण त्रिपाठी, प्राचार्य डा. शशिकिरण सिंह एवं संगोष्ठी समन्वयक डा. पारुल मिश्रा ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि डा. एमकेएस राठौर ने महात्मा गांधी के जीवनदर्शन में स्वच्छता, अस्पृश्यता एवं ट्रस्टीशिप के महत्व बताए। मुख्य वक्ता रुद्र नरायण त्रिपाठी ने कहा कि महात्मा गांधी के शारीरिक श्रम, सामाजिक सक्रियता के पहल पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि डा. एके शुक्ला ने कहा कि अन्याय हटाने के साथ अन्याय करने वालों के हृदय में बदलाव लाने की जरूरत है। सत्र के अंत में अध्यक्ष डा. शशिकिरण सिंह ने अहिंसात्मक सत्याग्रह के महत्व बताए। संचालन प्रशांत कटियार ने किया।
तकनीकी सत्र की अध्यक्षता कर रही डा. पारुल मिश्रा और प्रशांत कटियार ने जीवन के साधारण पहलुओं को स्पष्ट किया। डा. सुमन गांधी ने बुनियादी शिक्षा के महत्व की आज के समय में प्रासंगिकता स्पष्ट की। छात्रा छवि वर्मा ने विचार व्यक्त किए।