फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे की मां के नाम पर पंजीकृत फर्म में चार करोड़ का भुगतान दूसरे बैंक खाते करने में दोनों एक्सईएन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगभग तय है। जांच कर रहे अधिशासी अभियंता ने संबंधित पत्रावलियां मंगवा ली हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर निलंबित दोनों एक्सईएन बहाल हो चुके हैं। वहीं, एक एक्सईन सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया अनुपम दुबे पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। तत्कालीन जिलाधिकारी संजय कुमार ने माफिया की मां कुसुमलता दुबे के नाम पर लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत फर्म व हैसियत प्रमाण पत्र को निरस्त कर परिवार के सभी लोगों के बैंक खाते सीज कर दिए थे।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों में सूचना दी गई थी। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय व निर्माण खंड में माफिया की मां कुसुमलता दुबे की फर्म पर किए गए काम का चार करोड़ रुपये विभाग से मिलना था। फर्म के नाम से जनपद मैनपुरी में दूसरा बैंक खाता खोला गया।
तत्कालीन प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता जोध कुमार व निर्माण खंड के अधिशाषी अभियंता राजकुमार पिथूरिया ने चार करोड़ कर भुगतान दूसरे बैंक खाते में कर दिया था। शासन ने दोनों अधिशासी अभियंताओं को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों अधिशासी अभियंता बहाल हो गए। जोध कुमार सेवानिवृत्त हो गए। मुख्यालय के अधिशासी अभियंता सीपी गुप्ता पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। भुगतान से संबंधित सभी पत्रावलियां दोनों खंडों से उन्होंने मंगवा ली है। पूरे मामले मे दोनों अधिशासी अभियंताओं, कैशियर व एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।