दिल्ली में संसद भवन की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवान की डेंगू की
चपेट में आने से मौत हो गई। सोमवार को शव को जवान के पैतृक गांव लाया गया।
यहां अंतिम संस्कार से पहले सीआरपीएफ के जवानों ने शस्त्र झु़काकर सलामी
दी। रुटौल निवासी रामचंद्र यादव का 45 वर्षीय पुत्र प्रदीप यादव सीआरपीएफ
में हवलदार था। उसकी तैनाती संसद भवन की सुरक्षा में
थी। एक सप्ताह पहले
बुखार आने पर उसे नोएडा के प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार
को हालत बिगड़ने पर दिल्ली के पोर्टेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां
शाम 4 बजे प्रदीप की मौत हो गई। सोमवार सुबह शव के घर पहुंचने पर हजारों की
भीड़ गांव में उमड़ पड़ी। पति की डेंगू से मौत होने पर पत्नी रेनू, बेटी
अर्पिता, श्वेता तथा पुत्र रिषभ तथा बूढे
मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो
गया। शव के साथ आए सीआरपीएफ के जवानों ने गांव के खेत में अंतिम संस्कार से
पहले शस्त्र झुका कर साथी को अंतिम विदाई दी। इस दौरान एसडीएम बीडी वर्मा,
तहसीलदार विनोद जोशी, उपनिरीक्षक एनके वर्मा के अलावा हजारों की संख्या
में स्थानीय लोग और रिश्तेदार मौजूद रहे।