ध्वस्त कानून व्यवस्था, बेरोजगारी के खिलाफ बरसे सपाई
फर्रुखाबाद। देश और प्रदेश में महंगाई, भ्रष्टाचार, हत्याओं, बेरोजगारी, निजीकरण, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, आर्थिक तंगी, सरकार की संवेदनशून्यता आदि मुद्दों पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर जिले की तीनों तहसीलों में सोमवार को धरना दिया गया। पदाधिकारियों ने नारेबाजी कर सरकारों को कोसा। प्रदर्शन के दौरान तहसील में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सदर तहसील में धरने की अध्यक्षता कर रहे महेंद्र कटियार ने कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था नहीं है। दो मंत्री भी जान गंवा चुके हैं। न वेंटीलेटर हैं और न पीपीई किट, स्टाफ का भी अभाव है। किसान बदहाल है। खाद, बीज, कीटनाशक का संकट है। जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी ने कहा कि सपा जनता के हित में अब सड़क पर उतरेगी। उन्होंने सरकार की असफलताओं को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इसके बाद राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। राजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा है। सपा कार्यकर्ता अब इसे उखाड़ फेंकेंगे। निवर्तमान महानगर अध्यक्ष विजय यादव ने भी धरने को संबोधित किया।
इस दौरान मोहम्मद यूनुस अंसारी, राकेश संह, विवेक यादव, संतोष यादव, राघव दत्त मिश्र, रजत, इलियास मंसूरी, पुष्पेंद्र यादव, सुलक्षणा सिंह, डा. शिवा यादव, रंजीत यादव, डा. नवरंग सिंह एवं मंदीप यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार तहसील के बाहर पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में युवा वर्ग रोजगार के लिए भटक रहा है। अपराध चरम पर है। युवा नेता सचिन सिंह यादव ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है, महिलाएं व बच्चियां असुरक्षित हैं। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बृजेंद्र कुमार को दिया। धरने में समीर यादव, जितेंद्र यादव, मनमोहन मिश्रा, रामशरण कठेरिया आदि रहे। इस दौरान सीओ मोहम्मदाबाद सोहराब आलम, थानाध्यक्ष राजेपुर जयंती प्रसाद गंगवार, अमृतपुर थानाध्यक्ष जसवंत सिंह तैनात रहे।
सामाजिक दूरी की जमकर उड़ी धज्जियां
सदर तहसील में धरना प्रदर्शन के दौरान भीड़ इतनी थी कि कार्यकर्ता एक-दूसरे से सटकर बैठे और खड़े रहे। कई बार धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस बार-बार दूरी बनाए रखने का माइक से प्रासरण भी करती रही, मगर किसी भी कार्यकर्ता ने एक न सुनी।
‘कृषि संबंधी विधेयक किसान हित में नहीं’
कायमगंज। केंद्र सरकार के कृषि बिल व अन्य मांगों को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। बाद में राज्यपाल को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह को सौंपा।
सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आह्वान पर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, बेहाल किसान, सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ तहसील पर धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी ने कहा अब प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण बेरोजगार युवक सपा की लाल टोपी पहनकर सड़कों पर उतर चुके हैं। इसका अहसास पुलिस प्रशासन को हो चुका है।
कायमगंज विधान सभा क्षेत्र के कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने कहा केंद्र सरकार ने तीन कृषि विधेयक लागू किए हैं। इससे किसान को अपनी फसल का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। पूर्व विधायक प्रताप सिंह यादव ने कहा, सरकार के इशारे पर मजबूर पुलिस फर्जी एनकाउंटर कर रही है।
अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश अंबेडकर ने कहा, कोरोना के कहर के बीच भाजपा सरकार आम आदमी, किसान मजदूरों की रीढ़ तोड़ने का काम कर रही है। राकेश यादव, इलियास मंसूरी, आरिफ परवेज, आनंद यादव, माहिर खां, सचिन यादव, अकमल मंसूरी, सतेंद्र सिंह, नन्हें यादव, नाजिम, राका मंसूरी आदि मौजूद रहे।
तहसील कार्यालय पर चल रहे सपा के धरना प्रदर्शन के अंतिम क्षणों में महान दल के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता हाथों में झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। सभी कार्यकर्ता धरना स्थल पर बैठ गए। बाद में महान दल के जिला उपाध्यक्ष श्याम पाल शाक्य ने बताया उनके दल का सपा से गठबंधन है। दोनों दल मिलकर आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारी में है। अब भाजपा सरकार का प्रदेश से जाना तय है।