बेटे के रोजगार को लिए कर्ज में डूबे पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुबह खेत पर गए गांव के लोगों ने पेड़ से शव लटका देख परिजनों को सूचना
दी। परिजन रोते बिलखते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। जानकारी पर पहुंची थाना
पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गांव गगनी निवासी
रामबाबू (48) का बेटा शैलेंद्र जम्मू में रांगे का काम करता है। शैलेंद्र
की कुछ दिन पूर्व एक ठेके को लेकर बातचीत हुई थी। वह गांव आया और अपने पिता
को ठेके के संबंध में जानकारी दी। रामबाबू ने गांव के कुछ लोगों से रुपये
उधार लिए और पुत्र को दिए। ठेका लेकर काम कराने के लिए गांव के एक दर्जन
लड़कों को शैलेंद्र अपने साथ लेकर जम्मू गया।
लड़कों को एडवांस में रुपये
दिए। 10 जुलाई की दोपहर शैलेंद्र का पिता के पास फोन आया। उसने बताया कि
उसका ठेका निरस्त हो गया है। इसके लिए लगाए गए रुपये भी डूब गए। इससे
रामबाबू परेशान हो गया। शुक्रवार की शाम वह घर से खेत पर गया। रात में वह
घर नहीं लौटा। शनिवार की सुबह गांव के लोग खेत पर जा रहे थे किए आम के पेड़
पर रामबाबू का शव
लटका देखा। गांव वालों ने इसकी जानकारी मृतक के परिजनों
को दी। परिवार के लोग रोते बिलखते हुए घटना स्थल पर पहुंचे। सूचना के बाद
पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार के लोगों के सहयोग से शव को पेड़ से उतारा
और पंचनामा भर
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पुत्र शैलेंद्र ने
बताया कि पिता ने कर्ज लेकर ठेके के लिए रुपये दिए थे। ठेका निरस्त हो गया
था। इस कारण पिता परेशान रहने थे। पिता ने तहमद से फांसी लगाकर आत्महत्या
कर ली।