आलू और गेहूं की खराब देखकर शाम को घर आए किसान की
रात में मौत हो गई। मौत की वजह फसल खराब होना और कर्ज बताया गया। परिजनाें
ने फोन कर लेखपाल को सूचना देनी चाही पर उसने फोन उठाने के बाद भी काट दिया
।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव पिलखना निवासी बालमुकुंद (60) के
पास 15 बीघा खेत है। आठ बीघा में गेहूं और सात बीघा खेत में आलू की फसल की
थी। बेमौसम बरसात होने से आलू की फसल खेत में सड़ गई। बालमुकुंद ने खेत से
आलू उठाया नहीं। गेहूं की फसल 50 फीसदी खराब हो गई।
वह शनिवार
दोपहर खेत में फसल देखने गए थे। देर शाम उदास होकर घर लौटे। पत्नी
विद्यादेवी से फसल खराब होने और केसीसी का कर्ज का दर्द बताया था।
विद्यादेवी ने पति को हिम्मत बंधाई और खाना खिलवाया। रात करीब 9 बजे
बालमुकुंद कमरे में सोने के लिए चले गए।
रविवार की सुबह कमरे से
बाहर नहीं निकले तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। पत्नी कमरे में गईं और
बालमुकुंद को उठाने लगी। हिलाने डुलाने पर बाल मुकुंद ने कोई हरकत नहीं की
तो विद्यादेवी रोने लगीं। शोर होने पर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर आए।
गांव
के डाक्टर को बुलाया गया। डाक्टर ने बालमुकुंद को मृत घोषित कर दिया। इससे
परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र जयवीर ने बताया कि वह
दो भाई और एक बहन हैं। मां विद्यादेवी को आंखों से कम दिखाई देता है। पिता
शनिवार को खेत पर गए थे। फसल खराब होने के कारण वह काफी परेशान थे।
शाम
को पिता ने मां को केसीसी का लगभग 65 हजार रुपये कर्ज होने की बात बताई।
इस सदमे में पिता का हार्टफेल होने से रात में मौत हो गई। क्षेत्रीय लेखपाल
को मोबाइल से सूचना दी। लेखपाल ने मोबाइल काट दिया और वह गांव में
जानकारी तक करने नहीं आए।