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Farrukhabad News: बफर गोदाम में एक सप्ताह बाद भी नहीं आई डीएपी, समितियां भी खाली

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फोटो-23 बंद सहकारी समिति सकवाई। संवाद
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- अधिकांश समितियों पर डीएपी नहीं, मायूस लौट रहे किसान
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- समितियों पर खाद वितरण में रहेगी निगरानी

संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जनपद में आलू व सरसों की बोआई तेजी से चल रही है। इससे डीएपी की मांग बढ़ी है। बफर गोदाम में एक सप्ताह बाद भी डीएपी नहीं पहुंची और सहकारी समितियां भी खाली हैं। इससे बोआई की तैयारी में जुटे किसान समितियों से चक्कर लगाकर मायूस होकर लौट रहे हैं।
जनपद में 70 सहकारी समितियां हैं। इन समितियों पर किसान सदस्य हैं। इन दिनों किसान रबी की फसल में आलू व सरसों की बोआई चलने से किसानों को डीएपी की जरूरत है। खाद लेने के लिए किसान सहकारी समितियों का रुख कर रहे हैं। अधिकांश समितियों पर डीएपी न होने की बात उन्हें सुनने को मिल रही है। इससे किसान परेशान हैं। पिछले काफी दिनों से डीएपी की रैक न आने से पीसीएफ का बफर गोदाम भी खाली हो चुका है।
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किसान बोले समिति पर नहीं मिल रही डीएपी
मोहम्मदाबाद। साधन सहकारी समिति खिमसेपुर व मोहम्मदाबाद में डीएपी उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं। खिमसेपुर के सचिव सुशील कुमार अवस्थी ने बताया की 5 अक्तूबर को डीएपी खत्म हो गई थी तब से डीएपी नहीं आई है। समिति पर 231 बोरी यूरिया, 231 बोरी एनपीके, 291 बोरी टीएसपी व 106 बोरी पोटाश मौजूद है। डीएपी के स्थान पर किसान टीएसपी में यूरिया मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। दाउदपुर नगला बाग निवासी स्व.ऋषिपाल की पत्नी नीलेश 12 बोरी खाद लेने समिति पर पहुंचीं। पति के नाम कर्ज होने से खाद नहीं मिली। गांव कान्हेंपुर निवासी बुजुर्ग अनुमोदन लाल को मदनपुर समिति में खाद नहीं दी गई। अनुमोदन ने बताया कि उनके भाई प्रमोदन लाल पर लोन बकाया है। उन पर कुछ भी धनराशि शेष नहीं है, फिर भी उन्हें खाद नहीं दी जा रही। मोहम्मदाबाद समिति के सचिव संदीप कुमार ने बताया की डीएपी जिले में मौजूद नहीं है। समिति की गोदाम में 226 बोरी टीएसपी, 218 बोरी यूरिया, 126 बोरी एनपीके व 776 बोरी पोटाश मौजूद है। डीएपी लेने वाले किसानों को टीएसपी दी जा रही है। गांव किसानन नगला निवासी छंगेलाल ने बताया कि पिछले लगभग एक माह से डीएपी के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन अभी तक डीएपी नहीं मिली है। इससे फसल की बोआई में देरी हो रही है। सकवाई समिति बंद मिली।
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समितियों पर डीएपी नहीं, सचिव बोले भेजा जा चुका मांगपत्र
नवाबगंज क्षेत्र की अधिकांश समितियों पर डीएपी नहीं है। साधन सहकारी समिति कनासी के सचिव वीर सिंह, समिति मेई रसीदपुर के सचिव सत्य प्रकाश सिंह, मंझना के सचिव सत्य प्रकाश सिंह, बबना के सचिव अजय कुमार, गनीपुर जोगपुर के सचिव शैलेंद्र सिंह ने बताया कि समिति पर डीएपी नहीं है। मांगपत्र भेजा जा चुका है। सहकारी समिति गठवाया में डीएपी का स्टॉक नहीं है। 15-15 मीट्रिक टन डीएपी के लिए चेक भी लगाई गई है, लेकिन अभी जिले पर रैक नहीं मिली है। इससे डीएपी समितियाें तक नहीं पहुंची है। डीएपी मिलने पर वितरित की जाएगी।
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पांच दिन पहले 522 टन डीएपी का आवंटन, समिति पर नहीं भेजी खाद
एआर कोऑपरेटिव अजय पालीवाल ने बताया कि जो 522 टन डीएपी स्टॉक में है, वह पहले ही समितियों को आवंटित हो चुकी है। अभी उन समितियों का पैसा न आने से डीएपी नहीं भेजी गई। भुगतान पर डीएपी भेजी जाएगी। जिन समितियों पर डीएपी है, उन पर मिल रही है। जहां डीएपी नहीं है, वहां रैक आने के बाद भेजकर वितरण कराया जाएगा। अभी समितियों पर एनपीके व टीएसपी फास्फेटिक खाद बांटी जा रही है।
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समितियों पर क्यों नहीं पहुंची डीएपी कराएंगे सत्यापन
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि पांच दिन पहले ही 522 मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन किया गया। अब तक समितियों पर डीएपी क्यों नहीं पहुंची, इसका सत्यापन कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने टीमें गठित कर दी हैं। प्रत्येक समिति पर अधिकारी या कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर डीएपी व अन्य खाद का वितरण कराया जाएगा।
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आज आएगी 2500 मीट्रिक टन डीएपी की रैक
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को 2500 मीट्रिक टन डीएपी की रैक आ जाएगी। आवंटन के हिसाब से सीधे समितियों पर डीएपी पहुंचाई जाएगी। दूसरी रैक शुक्रवार तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी सप्ताह एक-एक कर रैक से जनपद को करीब 6600 मीट्रिक टन डीएपी आ जाएगी। इससे किसान को डीएपी की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

फोटो-23 बंद सहकारी समिति सकवाई। संवाद

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