फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: एक माह बाद आई डीएपी, कई किसान मायूस लौटे

विज्ञापन
विज्ञापन
कायमगंज। इफ्को केंद्र पर एक माह बाद आई डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से लाइन में लगे कुछ किसानों को ही खाद मिल सकी। कुछ किसान बिना खाद लिए ही मायूस होकर लौट गए।
विज्ञापन


यूरिया तो कभी डीएपी खाद की किल्लत बनी रहती है। किसानों को मांग के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। इफ्को केंद्र पर एक माह पूर्व डीएपी खाद का वितरण हुआ था। आठ दिसंबर को 800 बोरियां यूरिया वितरित की गई। इसके बाद से किसान खाद के लिए चक्कर लगाते रहे।
बुधवार को इफ्को केंद्र पर 300 बोरी डीएपी आई। खाद वितरण की सूचना पर किसानों की केंद्र पर सुबह से ही लाइन लग गई। वितरण शुरू होने के बाद भी दोपहर तक लंबी लाइन लगी रही। केंद्र पर यूरिया खाद का स्टॉक निल था। इससे यूरिया खरीदने वाले किसान मायूस होकर लौट गए।
विज्ञापन

इस समय खेतों में गेहूं, तंबाकू, सरसों आदि फसलों की बढ़वार के लिए यूरिया की जरूरत है। किसानों का कहना है कि जरूरत पर खाद नहीं मिल पाती है। जब यूरिया की जरूरत हो तो डीएपी मिलती है और जब डीएपी की जरूरत हो तो यूरिया मिलती है।
लाइन में लगे किसान गांव सुल्तनापुर निवासी सुनील ने बताया कि अभी तंबाकू के पौधों में डीएपी खाद लगाई जा रही है। इससे पैदावार अच्छी होती है।

गांव धर्मपुर निवासी किसान धर्मेंद्र ने बताया कि तीन बोरी डीएपी के साथ एक नैनो यूरिया की बोतल दी जा रही है। वहीं पांच बोरी के साथ एक डीएपी की बोतल दी जा रही है। गांव मददूपुर निवासी किसान राजवीर ने बताया कि इस समय फसल को डीएपी व यूरिया दोनों की जरूरत है। काफी दिनों बाद वितरण होने से किसानों की भीड़ है। सीजन में खाद की मारामारी अक्सर रहती है।
विज्ञापन


इफ्को केंद्र प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया एक माह बाद डीएपी आई है। इससे भीड़ बढ़ गई है।अब लगातार खाद मिलती रहेगी। यूरिया भी जल्द आने वाली है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें