कायमगंज। क्षेत्र के किसान इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर बाढ़ से तराई क्षेत्र की करीब 1211 हेक्टेयर भूमि की फसलें पानी में डूब चुकी हैं। दूसरी ओर खाद की किल्लत ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इफको केंद्र और सहकारी समितियों पर यूरिया व डीएपी की भारी कमी बनी हुई है।
किसान बताते हैं कि पहले वे आगामी फसलों के लिए खाद खरीदकर स्टॉक कर लेते थे लेकिन इस बार केंद्रों पर किसानों की भीड़ देखकर एक एकड़ पर मात्र दो बोरी खाद ही दी जा रही है। पिछले तीन-चार दिन से न यूरिया उपलब्ध है और न ही डीएपी। किसान सुबह से केंद्रों पर पहुंचते हैं लेकिन मायूस होकर लौटना पड़ता है।
हालात यह हैं कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ में तबाह हो गईं वे तो किसी तरह राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं, जिनके खेत बचे हुए हैं, वे खाद न मिलने से परेशान हैं। सहकारी समितियों का भी यही हाल है। किसान बताते हैं कि बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद खाद हाथ नहीं लग रही। इफको केंद्र प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि यूरिया और डीएपी की डिमांड भेजी गई है। शुक्रवार शाम तक खाद आने की उम्मीद है। यदि खाद आ गई तो शनिवार सुबह से वितरण शुरू कर दिया जाएगा।