समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष
राजकुमार सिंह राठौर एवं सेवानिवृत आईएएस अवधेश सिंह राठौर सहित पांच
लोगों पर दलित महिला ने गैंगरेप का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराया है।
घटना एक साल पुरानी है। इसकी शिकायत अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग को की
गई थी। आयोग के निर्देश के बाद शुक्रवार को मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई है।
एटा
जिले के राजा का रामपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने पूर्व आईएएस और सपा
के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित पांच के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया
कि गढिया जगन्नाथ निवासी अवधेश सिंह की गांव में कोठी और गेस्ट हाउस है।
गांव के ही वीरभान, अनोखेलाल, श्रीकृष्ण ने पिछले साल उसे कोठी व गेस्ट
हाउस पर कार्य करने और उसके पति को खेतों में काम करने के लिए रखवाया था।
आरोप है कि गत वर्ष अगस्त माह में अवधेश सिंह एवं राजकुमार सिंह कोठी पर
रुके। तभी आरोपी वीरभान, अनोखेलाल व श्रीकृष्ण ने काम के बहाने उसे उनके
कमरे में भेजा और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। जहां बारी-बारी से अवधेश
सिंह, फिर राजकुमार सिंह, वीरभान, अनोखेलाल, श्रीकृष्ण ने दुष्कर्म किया।
विरोध करने पर उसके पति को बंधक बना लिया और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित महिला का आरोप है कि एक माह तक
बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया
गया। नवंबर माह में वह पति एवं बच्चों के साथ कोठी से भाग निकली और गांव के
ही राजेश्वर के घर जा पहुंची। उसने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने
पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर उसने मुख्यमंत्री, एससीएसटी आयोग
एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। आयोग के निर्देश पर शुक्रवार को
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज किया है।
सियासी पेशबंदी में दर्ज कराई रिपोर्ट
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह
राठौर ने कहा कि यह मामला सियासी पेशबंदी का है। कुछ लोगों को उनकी बढ़ती
लोकप्रियता से परेशानी है। ऐसे में वे फर्जी मुकदमे लगवा रहे हैं। ऐसे लोग
कभी भी
अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। जनता सब जानती है और सच्चाई समझ
रही है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि वह अधिवक्ता हैं। न्यायपालिका पर
पूरा भरोसा है। कानून से बड़ा कोई नहीं होता। अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।
जीत हमेशा सत्य की होती है।