कोतवाली पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने शुक्रवार देर शाम छापेमारी कर सैंथरा गांव में नकली शराब का कारखाना पड़ा। टीम ने मकान से स्प्रिट, नकली शराब, कई ब्रांड के होलोग्राम, ढक्कन और खाली बोतलें बरामद की है। आबकारी निरीक्षक ने कारखाना संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कामयगंज कोतवाली क्षेत्र के सैंथरा गांव निवासी महिमा चंद्र पुत्र बालकराम कई बार अवैध शराब बनाने में पकड़ा जा चुका है। पुलिस को उसके घर पर अवैध रूप से शराब बनाने की सूचना मिली थी। इस पर शुक्रवार को कोतवाली पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने महिमा के घर पर छापा मारा। पुलिस के आने की भनक लगने पर महिमा चंद्र मकान की छत से कूदकर भाग निकला। टीम ने मकान से शराब बनाने वाला 45 लीटर सेप्टीफाइट स्प्रिट, बब्बर शेर ब्रांड की 47 पौव्वा शराब के अलावा बब्बर शेर, मेरिया और मिस
इंडिया ब्रांड देशी शराब के 3500 होलोग्राम। 200 ढक्कन, 250 खाली पौव्वा बरामद किए। एक बोतल शराब का रंग बदलने वाला केमिकल। कोतवाल प्रीतम सिंह ने बताया कि मौके पर आरोपी की पत्नी मिली थी। उससे पूछताछ की गई है। आरोप फरार हो गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर है, उस पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। आबकारी निरीक्षक शरद कुमार ने बताया कि महिला चंद्र के खिलाफ आबकारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला आबकारी अधिकारी टीआर वैश्य का कहना था कि मिलावटी और नकली शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सेप्टीफाइट स्प्रिट शराब का रंग बदलने के काम आता है। इस स्प्रिट से बनी शराब लगातार लंबे समय तक पीने से व्यक्ति का लीवर शराब हो जाता है। उन्होंने कहा कि लोग आबकारी विभाग के अधिकृत ठेकों से ही शराब खरीदें। बाहर मिलने वाली शराब जानलेवा साबित हो सकती है। नकली और मिलावटी शराब की सूचना तुरंत आबकारी अधिकारियों और पुलिस को दें।