मनरेगा के सोशल आडिट के दौरान प्रधान समर्थकाें व शिकायतकर्ताआें में ठन
गई। पुलिस क ी मौजूदगी में कुर्सियां और पत्थर चलने से कई लोग चुटहिल हो
गए। दोनों पक्षों से असलहे निकल आने से गांव में तनाव हो गया। भयवश सोशल
आडिट टीम सामान समेट कर भाग निकली।
सूचना पाकर पहुंचे कोतवाल ने एक को
हिरासत में लिया है। ग्राम विकास अधिकारी ने पांच लोगों पर सरकारी काम में
बाधा और कागजात उठा ले जाने की कोतवाली में तहरीर दी है। वहीं प्रधान पक्ष
की ओर से एक दलित ने तो दूसरे पक्ष से दो लोगों ने तहरीर दी।
मुडौल
गांव में सोमवार को मनरेगा का सोशल आडिट था। बवाल की आशंका पर यहां पहले से
पुलिस मौजूद थी। आडिट टीम प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में ग्रामीणों से
प्रधान रंजना के कराए कामों की समीक्षा कर रही थी। तभी शिकायतकर्ता
शैलेंद्र कुमार के समर्थक से प्रधान पति जितेंद्र की गाली गलौज होने लगा।
दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। कुर्सियां चलने लगीं। इस पर मौजूद
दरोगा नंदकिशोर और आरक्षी रामप्रकाश ने बीचबचाव किया।
सेक्रेटरी अमित
शुक्ला के साथ भी मारपीट हुई। जब दोनों पक्ष नहीं माने तो उन्होंने कोतवाल
को फोन कर जानकारी दी। तब तक दोनों ओर से असलहे निकल आए। इस पर आडिट टीम
वहां से निकल भागी। कोतवाल एके सिंह परिहार दलबल सहित पहुंच गए। इन्हाेंने
एक युवक को हिरासत में ले लिया। प्रधान पक्ष की ओर से रामजीत दिवाकर ने
शैलेंद्र, अशोक, कृष्ण कुमार, आलोक और गुड़िया के खिलाफ जातिसूचक गाली और
मारपीट की तहरीर दी।
वहीं दूसरे पक्ष से शैलेंद्र कुमार और प्रधान के चचेरे
भाई कुलदीप तिवारी ने प्रधान पति जितेंद्र तिवारी, अमर दुबे, त्रिपुरेश,
अजीत, अन्नू पाठक, दयाशंकर व सुमन के खिलाफ तहरीर दी। वहीं ग्राम विकास
अधिकारी अमित शुक्ला ने शैलेंद्र कुमार, अशोक, रजत, गुड़िया, जुगुलकिशोर
के अलावा आधा दर्जन अज्ञात ग्रामीणों पर सरकारी काम में बाधा और कागजात उठा
ले जाने की तहरीर दी है।
कोतवाल एके सिंह परिहार ने बताया कि सेक्रेटरी की
तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कारवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना की जांच
कर दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बिना काम पैसा निकालने की शिकायत सही
मुडौल गांव में मनरेगा के तहत कराए गए चार कामों की जांच करने गई आडिट टीम
को तीन काम मौके पर नहीं मिले। एक काम में एमवी से अधिक रुपया निकाला जाना
सामने आया। आडिट टीम के जिला कोआर्डिनेटर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि
ग्रामीणों ने प्रधान के दर्शाए चार कामों की शिकायत की थी। जांच में देशराज
के घर से हनुमान गढ़ी और हनुमान गढ़ी से रतीराम पंडित के घर तक एक ही सड़क
का दो बार भुगतान निकालना पाया गया है।
मौके पर एक भी काम नहीं कराया गया।
बताया कि ऐसे ही जयपाल के घर से रामसिंह यादव के घर तक मिट्टी नाली, खडंजा
का काम दर्शाया गया। यह भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक काम
रामदास के खेत से आखूनपुर तक काम कराया गया है। इसमें 32518 के स्थान पर
39334 रुपये का भुगतान निकाला गया है। बताया कि इन कामों की एमवी सेक्रेटरी
ने उपलब्ध नहीं कराई।
बताया कि आडिट के दौरान जाब कार्ड धारक विनोद
पुत्र रामदास ने शिकायत की थी कि उसने 35 दिन काम किया। इसके बदले उसे 4970
रुपये मिलने चाहिए थे। उसे मात्र एक हजार ही दिए गए हैं। बताया कि वह सारे
घटनाक्रम और जांच रिपोर्ट से डीडीओ को अवगत कराएंगे।
झगड़ा देख अध्यापकों ने बच्चों को किया सुरक्षित
प्राथमिक विद्यालय में आडिट टीम की बैठक के दौरान मारपीट और असलहे खिंच
आने से विद्यालय में मौजूद बच्चे कमरों में दुबक गए। मुडौल गांव के
प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में जिस समय मनरेगा की सोशल आडिट टीम बैठक कर
समीक्षा कर रही थी। प्रधान समर्थकाें व विरोधियाें के बीच हाथापाई, ईंट
पत्थर चलने लगे और असलहे तन गए। इस समय बच्चे कक्षाओं में थे। पत्थर चलते
देख विद्यालय के अध्यापक अभिषेक शुक्ला व मनोज पांडेय ने बच्चों को कमरों
में बंद कर दिया।