आचार संहिता खत्म होते ही जिले के अफसर एक्शन में आ गए हैं। पहले एसडीएम ने लापरवाही बरतने वाले दो लेखपालों को 10 दिनों के भीतर निलंबित कर दिया। अब सिटी मजिस्ट्रेट ने अवैध प्लाटिंग कर रहे लोगों पर न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी कर ली है। जल्द ही एक दो लोगों पर सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।
किसी भी कृषि भूमि में प्लाटिंग करने से पहले अधिकारियों से अनुमति ली जाती है। इसके बाद इसका ले आउट बना कर पास कराया जाता है। इसमें सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था व नाले और नाली आदि के लिए पूरी जगह दी जाती है।
इसी के बाद प्लाटिंग की अनुमित मिलती है लेकिन शहर में एक दर्जन से ज्यादा स्थानों वनखड़िया, लकूला, सेंट्रल जेल, सिविल लाइन, पांचाल घाट और ठंडी सड़क आदि स्थानों पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। अब प्रशासनिक अमले ने इस पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
सिटी मिजस्ट्रेट ने बताया कि अवैध प्लाटिंग करने वाले लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। सभी पर वाद दायर किया जाएगा। ठंडी सड़क से कादरी गेट तक अवैध प्लाटिंग करने के मामले में दो लोगों पर सिविल कोर्ट में मामला दर्ज भी करवा दिया गया है। जल्द ही करीब 20 और लोगों पर दर्ज कराया जाएगा।
कुछ जमीनों पर लोगों ने अवैध प्लाटिंग ही नहीं करवाई, इन पर निर्माण कार्य भी करवा लिया है। ऐसे 72 लोगों को चिह्नित कर निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवाने का नोटिस दिया जा रहा है। इसके बावजूद ध्यान नहीं देने पर इस मामले में वाद दायर करने के साथ ही संबंधित पर एफआईआर भी करवाई जा सकती है।
सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ने बताया कि इस मामले में नगर पालिका व बिजली विभाग को भी नोटिस देने की तैयारी है। वह अवैध कॉलोनियों में किसी तरह की सुविधाएं बिजली व पानी आदि न दें। सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ने बताया कि अवैध प्लाटिंग व अवैध ढंग से बनाई गई कॉलोनियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जल्द ही सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध प्लाटिंग करने वालों पर प्रशासन का शिकंजा