अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। सेंट्रल जेल में सुनील राठी को दो जोड़ी कैदी वाले कपड़े और चादर के अलावा चटाई दी गई। राठी ने खुद ही अपने कपड़ों को धोया। अभी उसकी मिलाई नहीं हुई है। सुनील ने जेल प्रशासन से दी गई किताबों को पढ़ा। हालांकि अन्य बंदियों से मुलाकात में कमी आई है।
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की माफिया सुनील राठी ने गोलियाें से भून कर हत्या कर दी थी। इसके बाद सुनील राठी को 14 जुलाई की रात सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। जेल सूत्रों की मानें तो सुनील राठी को लेटने के लिए कंबल, दरी, चादर, और दो जोड़ी कैदी वाले कपड़े दिए गए। सोमवार को खुद ही सुनील राठी ने अपने कपड़े धोए। जिस हाईसेक्योरिटी सेल में उसे रखा गया। वहां पर जेल प्रशासन का कड़ा पहरा बना हुआ है। इसमें सुनील राठी को किसी से नहीं मिलने दिया जा रहा है। हालांकि उसे जब बाहर निकाला गया तो किसी अन्य कैदी से नहीं मिलने दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि दूसरे दिन भी उसकी मुलाकात नहीं आई। हालांकि उसने किताबें मांगी तो जेल प्रशासन ने उसे दे दिया। इसके अलावा जेल में बंद माफिया हप्पू की भी कोई मुलाकात नहीं आई है। हप्पू को दूसरे हाईसेक्योरिटी सेल में रखा गया। जेल में इस समय लगातार माफिया की बैरकों को चेक किया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो सुनील राठी से पहले 50-60 मुलाकात अन्य बंदियों की आती थी। दो दिनों से जेल में बंद अन्य बंदियों की 30-40 मुलाकात हुईं। सेंट्रल जेल के प्रभारी अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार चेक किया जा रहा है। अभी दो दिन में सुनील और हप्पू से कोई मिलने नहीं आया है। जेल के हालात सही और सामान्य हैं।