अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। अवैध चल रही बसें पकड़ने के लिए चेकिंग के समय वकील से उनकी गाड़ी के कागज मांगने पर विवाद हो गया। वकील ने पीटीओ को खरीखोटी सुनाकर धमकी दी। पीटीओ ने फतेहगढ़ कोतवाली में वकील के खिलाफ तहरीर दी है, जिसमें खुद की जान को खतरा बताया और धमकी देने का आरोप लगाया है।
यात्री कर अधिकारी वीके आनंद रविवार की रात नगर मजिस्ट्रेट जैनेंद्र कुमार जैन के साथ सेंट्रल जेल चौराहा के पास बसों की चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने दो स्लीपर व एक सामान्य बस को पकड़ा और उसके कागज देखे। बसों के पास परमिट नहीं था। पीटीओ ने तीनों बसों का चालान कर दिया। उसी दौरान पांचालघाट निवासी एक वकील, जिनकी बसें चलती हैं। वह कार से निकल रहे थे। पीटीओ ने कार रोक कर कागज दिखाने को कहा, इस पर वकील नाराज हो गए। कागज मांगने पर पीटीओ और वकील में विवाद होने लगा। यह देखकर कुछ दूरी पर बैठे सिटी मजिस्ट्रेट भी वहां पर आ गए। वकील ने पीटीओ को धमकी दी और वहां से चले गए।
पीटीओ ने फतेहगढ़ कोतवाली पहुंच कर वकील के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें कहा गया कि वाहन चेकिंग के दौरान उनको जान का खतरा है। वकील उनके साथ हाथापाई करने को आमादा हो गए, वह पिटते पिटते बच गए। उन्होंने वकील पर धमकाने का आरोप लगाया है। पीटीओ ने बताया कि वाहन चेकिंग में लोकल की कोई बस नहीं मिली। जो बसें पकड़ी हैं, उनमें दो बसें इटावा में पंजीकृत हैं और एक फिरोजाबाद की है। तीनों के पास परमिट नहीं था। इस कारण चालान कर दिया गया। कोतवाल राजेश पाठक ने बताया कि तहरीर मिली है, रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।