फर्रुखाबाद। डॉक्टर को खुदकशी के लिए मजबूर करने के मामले में फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने पत्नी सहित पांच ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फतेहगढ़ के मोहल्ला नेकपुर चौरासी निवासी चंद्रप्रकाश सिंह परिहार ने न्यायालय में याचिका दायर की कि उन्होंने अपने इकलौते पुत्र डॉ. नितेश की शादी जनपद इटावा के गांव पछाए निवासी अजय प्रताप सिंह की पुत्री पारुल के साथ 18 अप्रैल 2018 को की थी। बहू पारुल फार्मा डिप्लोमा धारक है। शादी के बाद पारुल चोरी-छिपे मोबाइल पर घंटों बात करती थी। इसका विरोध करने पर पारुल ने अपने पति का मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया।
25 अगस्त को पारुल बहाना बनाकर अपने मायके चली गई। इस पर वह अपनी पत्नी मीना परिहार व बेटे नितेश के साथ पांच मई 2018 को बहू के मायके गए। पुत्र नितेश ने अपने ससुर अजय प्रताप, सास अंजना, साले अंशुुमन, चचिया ससुर प्रबल प्रताप सिंह व पत्नी पारुल को समझाने का प्रयास किया। इस पर पारुल व उसके परिजन उखड़ गए और मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे। नितेश से कहा गया कि तुम दोबारा मुंह मत दिखाना। इस पर वह लोग वहां से वापस चले आए।
आठ सितंबर को पारुल अपने मायके वालों के साथ उनके घर आयी और कहा कि उन लोगों ने घर पर जाकर बहुत बेइज्जती की। बाद में खरी-खोटी सुनाकर आरोपी चले गए। इसके दूसरे दिन वह अपने प्रतिष्ठान व पत्नी मीना स्कूल पढ़ाने चली गईं। घर में उनका बेटा नितेश अकेला था। जब वह वापस घर आए तो दरवाजा बंद मिला। कुंडी तोड़कर देखा तो कमरे में नितेश का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। पड़ोस के लोगों ने बताया कि नितेश को घटना से पहले फोन पर बात करते देखा गया था। इससे स्पष्ट है कि बहू व उसके मायके वालों के मानसिक उत्पीड़न से त्रस्त होकर उनके बेटे ने खुदकशी की है।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने डॉ. नितेश की पत्नी पारुल, उसके पिता अजय प्रताप, मां अंजना, साले अंशुमान, चाचा प्रबल प्रताप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।