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पाक्सो एक्ट में युवक को पांच साल की सजा

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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश प्रेमशंकर ने छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में युवक को दोषी पाकर पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। आरोपी के माता-पिता पर धमकी देने का आरोप साबित न होने पर उनको दोषमुक्त कर दिया है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी कक्षा नौ की 15 वर्षीय छात्रा 28 नवंबर 2017 को एक इंटर कॉलेज में पढ़ने जा रही थी। घारमपुर गांव के पास गांव पपियापुर निवासी अजय ने उसे पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध पर हाथ पकड़कर खेत की ओर ले जाने लगा।
छात्रा के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों को आता देखकर उसे छोड़कर भाग गया। छात्रा ने घर पहुंचकर मां को घटना की जानकारी दी। मां उसे लेकर अजय के घर शिकायत करने गई। उसके पिता व मां ने मां-बेटी को गालीगलौज कर भगा दिया। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। किशोरी ने अजय, उसके पिता सूरज व मां कविता के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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छेड़छाड़ से दुखी होकर 5 दिसंबर को छात्रा गांव घारमपुर के पास से निकले रेलवे ट्रैक पर ट्रेन आने पर कूद गई थी। सैफई में उपचार के दौरान 10 दिसंबर को उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना में छेड़छाड़ व धमकी के मुकदमे में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा बढ़ा दी। विवेचना के बाद दरोगा ने माता-पिता और पुत्र के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने दलीलें पेश कीं। न्यायाधीश ने आत्महत्या के लिए उकसाने व धमकी के आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी अजय को दोषमुक्त कर दिया। छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट में दोषी करार दिया।
अजय को छेड़छाड़ में दो साल, पॉक्सो एक्ट में पांच साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। दोनों सजाएं एक साथ चलने और जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। पिता सूरज व मां कविता पर आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
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