अमृतपुर। उपजिलाधिकारी के कार्यालय के सामने बैठक करने से मना करने पर वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के प्रदेश प्रभारी की उपजिलाधिकारी से नोकझोंक हो गई। अधिवक्ताओं के पहुंचने पर वोटर्स पार्टी के लोग चले गए। तब मामला शांत हुआ।
गुरुवार को वोटर्स पार्टी के प्रदेश प्रभारी भानुप्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने के लिए तहसील पहुंचे। उपजिलाधिकारी के कार्यालय के सामने दरी बिछा कर बैठ गए। जानकारी होने पर उपजिलाधिकारी बृजेंद्र कुमार पहुंचे और वोटर्स पार्टी के लोगों से कहा कि कार्यालय के सामने से हट जाओ और तहसील परिसर में कहीं भी दरी बिछाकर बैठक करें। इसी बात पर वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के प्रदेश प्रभारी भानु प्रताप सिंह भड़क गए और कहा कि तहसील परिसर में गंदगी फैली हुई है।
इसकी सफाई कराएं। उपजिलाधिकारी ने कहा कि हम दोनों मिलकर तहसील की सफाई करेंगे। इसकी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। काफी देर तक नोकझोंक होने पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विनोद प्रकाश द्विवेदी व अन्य अधिवक्ता पहुंच गए। अध्यक्ष ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया तो वोटर्स पार्टी के लोग अधिवक्ताओं से उलझ गए। अधिवक्ताओं की संख्या ज्यादा देख तहसील छोड़ कर जाने लगे। उप जिलाधिकारी की सूचना पर थानाध्यक्ष पहुंच गए। पर तब तक वोटर्स पार्टी के लोग जा चुके थे।
प्रदेश प्रभारी ने उप जिलाधिकारी पर आरोप लगाया कि अपनी तानाशाही रवैया के चलते उप जिलाधिकारी ने बैठक नहीं करने दी। न ही ज्ञापन लिया और तहसील से भगा दिया है। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी। उपजिलाधिकारी बृजेंद्र सिंह ने बताया कि वोटर्स पार्टी के लोग कार्यालय के सामने बैठक कर रहे थे। उनसे केवल कार्यालय के सामने से हटने को कहा था। किसी को तहसील से भगाया नहीं गया है। सफाई को लेकर वह गलत शब्द इस्तेेमाल करने लगे।