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सूदखोेरों की धमकी से परेशान युवक फंदे पर झूला

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सुनील की फाइल फोटो। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। सूदखोरों की धमकी से परेशान एक युवक फंदे पर झूल गया। सूदखोरों ने गुरुवार को मकान पर कब्जा करने की धमकी दी थी। नामजद मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन पर परिजनों ने नौ घंटे बाद शव उठने दिया। परिजन यह स्पष्ट नहीं कर सके कि युवक ने सूदखोरों से कर्ज किस काम के लिए लिया था।
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शहर के मोहल्ला खटकपुरा इज्जतखां निवासी सुनील शाक्य (24) ने रेलवे रोड स्थित एक कालोनी और डिग्गीताल निवासी दो लोगों से ब्याज पर सात माह पहले रुपये लिए थे। कई दिन से दोनों रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे। इससे सुनील परेशान था। गुरुवार को दोनों घर पर आए और गाली-गलौज कर मकान पर कब्जा करने की धमकी दी। इससे सुनील गुमसुम हो गया।
वह रात करीब दो बजे तक सड़क पर ही टहलता रहा। बड़े भाई शिवम ने उससे कई बार सोने के लिए कहा लेकिन वह झल्लाकर बोलता रहा। रात करीब दो बजे सुनील अपने कमरे में चला गया। सुबह सात बजे शिवम कमरे में गया, तो सुनील फंदे पर लटका था। सांस होने की आस में परिजनों ने उसे नीचे उतारा लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
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सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को शिवम ने घटना के संदर्भ में जानकारी दी। पुलिस बिना किसी के नाम के तहरीर देने की बात कह रही थी, तभी मां गुड्डी देवी सूदखोरों पर मुकदमा लिखने की बात कहने लगीं। काफी देर तक विवाद चलता रहा।
फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए। परिजनों को तहरीर के आधार पर मुकदमा लिखने का जब पुलिस ने आश्वासन दिया, तब नौ घंटे बाद शाम चार बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सुनील तीन भाइयों में बीच का था। सबसे छोटा सूरज है। सुनील लिंजीगंज की एक दुकान पर काम करता था।
पुलिस आत्महत्या की तहरीर के लिए बनाती रही दबाव
पुलिस सूदखोरों के खिलाफ मुकदमा लिखने से कतराती रही। कई बार भाई पर आत्महत्या की तहरीर लिखकर देने का दबाव बनाती रही, मगर मां गुड्डी चीख-चीख कर सूदखोरों का नाम लेकर मुकदमा लिखने के बाद शव उठाने की बात कहती रही।
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