फर्रुखाबाद। साड़ी दुकानदार साफेज की हत्या में मुख्य आरोपी दीपक वर्मा की लोकेशन घटनास्थल पर मिली है। पुलिस ने दीपक के भतीजे को हिरासत में लिया है। पता चला है कि घटना के बाद दीपक भतीजे के पास पहुंचा था और कुछ देर रुकने के बाद चला गया था।
साफेज की हत्या में पुलिस ने मैनपुरी करहल रोड निवासी दीपक वर्मा की तलाश में दबिश मारी थी, लेकिन वह घर में नहीं मिला। पुलिस ने दीपक वर्मा के दोस्तों से पूछताछ की। पुलिस ने दीपक के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो कई बातें निकलकर सामने आईं।
रविवार को दीपक के मोबाइल नंबर की लोकेशन राजेपुर के गांव तुषौर स्थित घटनास्थल पर थी। पुलिस को जांच में पता चला है कि दीपक के बुलाने पर साफेज उससे मिलने गया था। दीपक अपने चालक व एक अन्य युवक की मदद से साफेज को कार में बैठाकर पांचाल घाट ले गया था।
दीपक की मोहल्ला बजाजा में रहने वाली बहन निशा वर्मा ने भी रविवार रात पुलिस को कोतवाली जाकर यह बात बताई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी बात अनसुनी कर दी थी। पुलिस ने मंगलवार रात शहर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी दीपक के भतीजे को पकड़ लिया।
पूछताछ में पता चला कि साफेज की हत्या करने के बाद दीपक अपने भतीजे के पास आया और कुछ देर रुकने के बाद वह मोहम्मदाबाद होते हुए मैनपुरी चला गया। रविवार रात 11:30 बजे उसके मैनपुरी में होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब दीपक के अलावा उसके कार चालक व एक अन्य युवक की तलाश कर रही है।
हत्या से पहले बेरहमी से हुई थी पिटाई
फर्रुखाबाद। साड़ी दुकानदार साफेज की हत्या करने से पहले उसे बेरहमी से पीटा भी गया था। उसके सिर, चेहरे, गर्दन व छाती पर चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या से पहले उसे बेरहमी से पीटा भी गया था।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मछली टोला निवासी साफेज (22) रविवार को लापता हो गया था। पुलिस ने सोमवार को पिता सलीम की तहरीर पर मोहल्ला बजाजा निवासी निशा वर्मा, जनपद मैनपुरी करहल रोड निवासी उसके भाई दीपक वर्मा व एक अज्ञात के खिलाफ पुत्र के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को थाना राजेपुर के गांव तुषौर जाने वाले मार्ग पर स्थित खेत में साफेज का शव पड़ा मिला था।
पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। डीएम के आदेश पर मंगलवार रात को ही डॉ. सुमित व डॉ. अभिजीत यादव ने शव का पोस्टमार्टम किया। सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में रविवार रात ही साफेज की गला दबाकर हत्या होने की पुष्टि हुई है। हत्या से पहले उसके साथ मारपीट भी की गई थी। उसके सिर, गर्दन, चेहरे व छाती पर चोटों के निशान मिले हैं।
ढाई घंटे तक पोस्टमार्टम न होने से परिजनों ने किया हंगामा
फर्रुखाबाद। बिजली गुल होने और जनरेटर, इनवर्टर खराब होने से साफेज के शव का ढाई घंटे देरी से पोस्टमार्टम हो सका। देरी होने पर परिजनों ने हंगामा किया। कर्मचारियों ने इसकी सूचना सीएमओ को दी, पर बिजली आने के बाद ही पोस्टमार्टम शुरू हो सका।
साफेज का शव मंगलवार रात करीब आठ बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया। कुछ देर में दोनों डॉक्टर भी पोस्टमार्टम करने के लिए वहां पहुंच गए। तभी बिजली चली गई। जनरेटर व इनवर्टर खराब होने से वहां अंधेरा हो गया। इसके चलते डॉक्टर के कमरे में उजाले के लिए मोमबत्ती जलवाई गई। परिजन 10 बजे तक बिजली आने का इंतजार करते रहे, लेकिन बिजली नहीं आई।
परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में अव्यवस्था का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। परिजनों का शोर सुनकर कर्मचारी बाहर निकल आए। कर्मचारियों ने सीएमओ सतीश चंद्रा को जनरेटर व इनवर्टर खराब होने व हंगामे की सूचना दी। सीएमओ ने शीघ्र की जनरेटर व इनवर्टर सही कराने का भरोसा दिया। लगभग साढ़े 10 बजे बिजली आई, तब कहीं जाकर पोस्टमार्टम हो सका।
निशा से दो वर्ष से थी साफेज की दोस्ती
साफेज की दो वर्ष से निशा वर्मा से दोस्ती थी। दोनों परिवार के लोग दोस्ती के बारे में जानते थे, लेकिन कभी किसी ने एतराज नहीं जताया। साफेज निशा के परिवार के लोगों से भी बातचीत करता था। दो अप्रैल को ऐसा क्या हुआ, जो साफेज के परिजन उसके खिलाफ हो गए। तीन अप्रैल को साफेज की पिता सलीम से काफी देर तक वार्ता भी हुई थी। पुलिस इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।