फर्रुखाबाद। बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। उसकी शहर के साथ कन्नौज की भूमि भी चिह्नित की गई है। बैंक खातों व वाहनों पर भी प्रशासन की नजर है। इनकी बिक्री पर जिलाधिकारी ने रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर संपत्ति अर्जित करने का स्रोत पूछा है।
सही जवाब न देने पर संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई होगी। दरोगा ने मैनपुरी जिला जेल पहुंचकर अनुपम को नोटिस तामील कराई है। अनुपम के भाई और सहयोगी को भी नोटिस जारी की गई हैं।
जनपद कन्नौज के समधन निवासी ठेकेदार शमीम खान की वर्ष 1995 में फतेहगढ़ में और गुरसहायगंज कोतवाली में तैनात तत्कालीन इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की वर्ष 1996 में कानपुर के रावतपुर स्टेशन के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इन दोनों मामलों में आरोपी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे मैनपुरी जेल में बंद है। उस पर रासुका की कार्रवाई भी हो चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले अनुपम दुबे पर प्रशासन काफी तेजी से कार्रवाई कर रहा था, मगर बीच में कुछ दिन शांत रहने के बाद अब फिर घेराबंदी शुरू हुई है। अनुपम के ठंडी सड़क स्थित होटल, फतेहगढ़, मोहम्मदाबाद के अलावा कन्नौज में भी बनी, अधबनी इमारतों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन इस संपत्ति को अवैध रूप से धन अर्जित कर बनवाने की बात मान रहा है।
इसी के चलते जिला प्रशासन की नजर इन संपत्तियों पर है। डीएम संजय कुमार सिंह ने डॉ. अनुपम दुबे को कुर्की नोटिस जारी कर संपत्तियों को अर्जित करने के स्रोत के बारे में पूछा है। हालांकि कई महीने पहले से जांच कर रही मऊदरवाजा पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों से इन संपत्तियों को अर्जित करने की रिपोर्ट दी थी। इसी के चलते डीएम की ओर से जारी नोटिस को दरोगा इंद्रजीत सरोज ने मैनपुरी जिला जेल पहुंचकर डॉ. अनुपम दुबे को तामील करा दिया है।
उसकी संपत्ति की कीमत नौ करोड़ 53 लाख 27 हजार 903 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उसके भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन की संपत्ति नौ करोड़ 45 लाख 12 हजार व अनुपम के सहयोगी अभिषेक रस्तोगी की संपत्ति की कीमत 50 लाख 80 हजार 600 रुपये आंकी गई है और इन सभी को कुर्की का नोटिस भेजा गया है। 11 अप्रैल तब सभी को जवाब देने का समय दिया गया है।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि नोटिस में साफ है कि यदि डॉ. अनुपम दुबे तय समय सीमा में नोटिस का सही जवाब नहीं देते, तो होटल, मकान समेत अन्य संपत्तियों को ढहाना जाना तय माना जा रहा है। नोटिस जारी होने के बाद राजस्व विभाग भी तेजी से जांच में जुट गया है। तहसीलदार श्रद्धा पांडेय ने बताया कि नोटिस मिल गया है। इसमें गाड़ियों, बैंक खातों, प्लाट, जमीन और भवनों का उल्लेख है। निर्देश के आधार पर शीघ्र ही जांच करके आख्या उच्चाधिकारियों को भेज देंगी।