लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराता बंदी।
- फोटो : लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराता बंदी।
फर्रुखाबाद। जिला जेल में जानलेवा हमले की सजा काट रहे बंदी को तीन दिन भूखा रखकर उसको पीटा। पेशी पर आए बंदी ने प्रार्थना पत्र देकर जेलर की शिकायत की थी। तृतीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश के विशेष न्यायाधीश ने बंदी का परीक्षण कराने के आदेश दिए। साथ ही कहा कि चिकित्सीय रिपोर्ट नौ जनवरी को न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजीव नगर निवासी विकास सक्सेना जानलेवा हमले के मामले में जिला जेल में 10 वर्ष की सजा काट रहा है। बुधवार को पेशी के दौरान बंदी विकास सक्सेना ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि रुपये न देने पर जेलर ने उसे पीटा। तीन दिन से उसे भोजन भी नहीं दिया गया है।
विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने बंदी विकास के शरीर में चोटों के निशान देखकर प्रतिसार निरीक्षक फतेहगढ़ को निर्देश दिए कि उसका लोहिया अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए। चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद बंदी को पुन: जिला कारागार में दाखिल करते हुए पत्रावली नौ जनवरी को न्यायालय में प्रस्तुत करें।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस बंदी विकास को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसका मेडिकल परीक्षण हुआ। बंदी विकास ने जेलर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे जेल में ही उसकी हत्या करवा सकते हैं। वहीं जेलर गिरीशचंद्र ने बताया कि विकास हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ 40 मुकदमे दर्ज हैं। वह जो आरोप लगा रहा है, निराधार है।