फर्रुखाबाद। विशेष अदालत ईसी एक्ट की न्यायाधीश रेखा शर्मा ने हत्या के मुकदमे के आरोपी पिता-पुत्र समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
एटा जिले के थाना अलीगंज के पुराहार निवासी अवधेश पुत्र हरीराम के भाई अफसर सिंह के बेटे अनिल की सुसराल शमसाबाद थानाक्षेत्र के गांव हुसैनपुर तराई में रतीराम के घर पर थी। रतीराम ने अपने बड़े दामाद सर्वेश निवासी नगला वीरबल थाना मेरापुर को परचून की दुकान छिबरामऊ में कराई थी। वह दुकान कुछ दिन बाद छोटे दामाद अनिल (अफसर सिंह का पुत्र) को दस हजार रुपये में दिला दी। अनिल ने सर्वेश को होली के समय रुपये देने की बात कही थी। सर्वेश होली से पहले ही रुपये मांगने लगे। इसको लेकर रतीराम व सर्वेश में विवाद होने लगा।
इसकी जानकारी पर अवधेश, उसका भाई अफसर सिंह व भतीजे के साथ रतीराम के घर 8 अगस्त 2004 को पंचायत करने आए थे। 9 अगस्त को पंचायत के दौरान सर्वेश व अफसर सिंह में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। रात में अफसर सिंह पड़ोसी राजेंद्र सिंह की छत पर लेटे थे। तभी राजेंद्र सिंह उसका पुत्र विंकी व नगला वीरबल थाना मेरापुर निवासी सर्वेश छत पर गए और अफसर सिंह को दबा लिया। फावड़े से कई बार हमला कर अफसर सिंह की हत्या कर दी। तीनों लोग वहां से भाग गए। अवधेश ने तीनों हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी राजेंद्र सिंह, उसके पुत्र विंकी व आरोपी सर्वेश को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया है।