फर्रुखाबाद। जिला जज सुभाष चंद ने दहेज हत्या के मुकदमे के चार आरोपियों में से एक आरोपी पति को दोषी करार दिया। कोर्ट ने पति को दस साल की सजा सुनाई है। बीस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है। तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
कानपुर नगर के थाना ककवन के गांव रहीमपुर निवासी रामऔतार ने पुत्री मधु की शादी 1 मई 2012 को कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला जोध निवासी अनिल कुमार के साथ की थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये, सोने की चेन व भैंस की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुराल वाले मधु को प्रताड़ित करने लगे। 29 जून 2014 को ससुराल वालों ने विवाहिता के ऊपर केरोसिन डाल कर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसको लोहिया अस्पताल भर्ती कराया गया।
उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मधु के पिता रामऔतार ने पति अनिल कुमार, जेठ विजय कुमार, जेठानी विमला व ननद शालू के खिलाफ कमालगंज थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर जिला जज ने आरोपी पति अनिल कुमार को दहेज हत्या के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी जेठ, जेठानी व ननद को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है। अनिल दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता था।