फर्रुखाबाद के ट्रांजिट हॉस्टल गोशाला में खुले में खड़े गोवंश व बीमार बैठी गाय। संवाद न्यूज एजें?
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ की ट्रांजिट हॉस्टल स्थित गोशाला में बुधवार रात भी दो गोवंश मर गए। एक शव को कुत्ते नोचते रहे थे। लगातार चार दिन से गोवंश के मरने का सिलसिला जारी है। गोशाला में चार दिन के भीतर आठ गोवंश मर चुके हैं। अभी भी एक गाय अंतिम सांसें भर रही है, जबकि तीन अन्य गोवंश बीमार हैं। इलाज के नाम पर तैनात पशु चिकित्सक प्राइवेट व्यक्ति को भेज रहे हैं।
नगरपालिका की ट्रांजिट हॉस्टल स्थित गोशाला में सोमवार से लगातार गोवंश मर रहे हैं। फिलहाल बीमार होने के बाद गोवंश की जान नहीं बच पा रही है। पिछले चार दिन में सोमवार को चार, मंगलवार को एक, बुधवार को एक, जबकि गुरुवार सुबह भी दो गोवंश मरे मिले। इसमें देखरेख के अभाव में एक शव का आधा भाग कुत्तों ने नोच डाला। गोशाला में बीमार पड़ी एक गाय अंतिम सांसें गिन रही है। जबकि अन्य तीन गोवंश घायल व बीमार हैं। सुबह करीब 9.30 बजे गोशाला में पालिका का लोडर शव लादने को खड़ा था। कुछ देर बाद इलाज को एक व्यक्ति पहुंचा।
पूछने पर उसने बताया कि वह न तो सरकारी डॉक्टर है और न फार्मासिस्ट। डॉक्टर साहब ने उसे फोन कर दिया तो वह गाय की सेवा करने के भाव से इलाज के लिए आ गया। रात में एक गाय ने बच्चे को जन्म दिया। जो काफी कमजोर है। उसे देखकर निजी पशु चिकित्सक ने बताया कि इसे तो मिल्क फीवर है। इसे कैल्शियम की बोतल लगनी चाहिए, जो 300 रुपये कीमत की है। फिलहाल उसके पास जो दवा उपलब्ध थी उसी से इलाज किया।
खुले में गोवंश काट रहे रात
गोशाला में गोवंशों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त टीनशेड नहीं है। यहां बंद गोवंश धर्मपुर कटरी स्थित गोशाला में शिफ्ट किए जा रहे हैं। इस बीच मौजूद गोवंश के लिए पर्याप्त टीन शेड न होने से खुले आसमान के नीचे सर्दी की रात गुजारनी पड़ रही है। नगरपालिका के लिपिक विनय कश्यप ने बताया कि पशु चिकित्सक के समय से न पहुंचने से इलाज के अभाव में गोवंश मर रहे हैं। गुरुवार को भी दो बीमार गोवंश मर गए। जबकि एक का बचना मुश्किल है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.राजकिशोर सिंह ने बताया कि यदि पशु चिकित्सक खुद न जाकर इलाज के लिए प्राइवेट व्यक्ति को भेज रहे हैं तो इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। गोवंश के मरने का कारण पेट में पॉलिथीन भरी होने व हरा चारा न मिलने के साथ सूखा भूसा खाने से होना बताया जा रहा है। अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक कराई जाएंगी।