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दुष्कर्म का झूठा मुकदमा लिखवाने वाले पर कार्रवाई न करने पर विवेचक फंसे

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फर्रुखाबाद। किशोरी से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखवाने वालेे पिता के खिलाफ कार्रवाई न करने पर विवेचक फंस गए हैं। विशेष अदालत पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश प्रेम शंकर ने वादी और विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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अमृतपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने डम्मर नगर निवासी विमल, कुंवर और भीम के खिलाफ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि तीन जून 2021 की रात को आरोपी उसकी 16 वर्षीय पुत्री को ले गए।
गन्ने के खेत में भीम ने उसके साथ दुष्कर्म किया और बाकी दो आरोपियों ने पुत्री को पकड़ा था। विवेचक ने जांच में किशोरी को ले जाने और दुष्कर्म की घटना झूठी पाई। मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी, लेकिन झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले वादी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। मुकदमे में एफआर लगने पर कोर्ट से वादी को नोटिस जारी किया गया।
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वादी ने कोर्ट में उपस्थित होकर एफआर स्वीकृत किए जाने का समर्थन किया। न्यायाधीश ने एफआर स्वीकृत कर ली है। मुकदमा वादी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने में कार्रवाई करने का आदेश अमृतपुर थानाध्यक्ष को दिया।
एसपी को भेजे गए आदेश में कहा कि झूठा मुकदमा लिखाने का तथ्य सामने आने पर भी विवेचक ने वादी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इससे स्पष्ट होता है कि विवेचक का यह आचरण अत्यंत लापरवाहीपूर्ण एवं कर्तव्यहीनता दर्शाता है। विवेचक के विरुद्ध आवश्यक एवं उचित कार्रवाई की जाए।
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