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मां-बेटे को दो साल की सजा

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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एससी-एसटी के न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता प्रथम ने मारपीट, मकान पर कब्जा करने और जाति सूचक गाली देने के मुकदमे में मां-बेटे को दोषी करार दिया है। दो साल की कैद की सजा सुनाई है और 13 हजार रुपये का दोनों पर जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला बाग लकूला निवासी मटरूलाल ने मोहल्ले की सुनीता उर्फ सुनीला व इनके पुत्र सौरभ और मोहल्ले के अयोध्या प्रसाद के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर 2013 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि वह दिल्ली गए थे और आरोपियों ने उनके मकान का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया।
31 मार्च 2013 को दिल्ली से लौट कर आने पर देखा तो उनके मकान और उसमें रखे सामान पर आरोपियों का कब्जा है। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट कर जाति सूचक गाली देकर अपमानित किया। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। आरोपी अयोध्या प्रसाद की मौत हो गई।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व विशेष लोक अभियोजक अशोक कटियार, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज प्रताप सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने मां और बेटे को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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