फर्रुखाबाद। नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने आनंद शाक्य को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए चार जुलाई की तारीख तय की है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 24 अप्रैल 2017 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह खेत पर गई थी। उसकी 16 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। शाम को लौटने पर घर की अलमारी खुली मिली, उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर और 74 हजार रुपये गायब थे। तलाश के दौरान गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने आनंद शाक्य, उसकी मां, भाई और एक अन्य व्यक्ति को नाबालिग को बेहोशी की हालत में ई-रिक्शा से ले जाते देखा था। तहरीर में महिला ने आशंका जताई थी कि जेवर के लालच में नाबालिग पुत्री की हत्या की जा सकती है या उसे कहीं बेचा जा सकता है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। किशोरी की तलाश कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आनंद शाक्य को दोषी करार दिया।