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नौ माह की ट्रेनिंग के बाद रिक्रूट साक्षात्कार में नहीं दे सके जवाब

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फनौ माह की ट्रेनिंग के बाद जब साक्षात्कार का दौर आया तो महकमें की पोल खुल गई। रिक्रूट आईपीसी और सीआरपीसी के बारे में सही जवाब नहीं दे सके। साइबर क्राइम को मोबाइल से कैसे रोकेंगे के सवाल पर रिक्रूट चकरा गए। इस पर एसपी व एएसपी ने प्रशिक्षकों को भी आड़े हाथों लिया। बुधवार को छह टोलियों का साक्षात्कार हुआ।
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शासन ने पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूटों के लिए लाखों रुपये का बजट आवंटित किया। रिक्रूटों को पुलिस की बेसिक जानकारी के आलावा कंप्यूटर और साइबर क्राइम, सीसीटीएनएस, फारेंसिक प्रयोगशाला, मनोविज्ञान, मानवाधिकार के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस विभाग के प्रशिक्षकों के अलावा सिविल के एक्सपर्ट ने भी उनको विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी।
बुधवार को एसपी डॉ. अनिल मिश्रा व एएसपी त्रिभुवन सिंह की कमेटी ने रिक्रूटों को साक्षात्कार के लिए बुलाया तो सवालों के जवाब सुनकर अधिकारी भी दंग रह गए। विषयों के अलावा भी प्रश्न पूछे गए पर कुछ को छोड़कर ज्यादातर रिक्रूट बगलें झांकते नजर आए। बुधवार को 130 रिक्रूटों का साक्षात्कार हुआ अन्य का साक्षात्कार गुरुवार को होगा। एसपी ने प्रशिक्षकों को फटकार लगाई।
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