फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मामले में सीएमओ की शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी गई है। इसमें धन उगाही, डीजल का खेल व कमीशनबाजी का आरोप लगाया गया है।
नवाबगंज निवासी प्रमोद कुमार ने मुख्यमंत्री को 15 बिंदुओं की शिकायत भेजी है। इसमें उन्हाेंने सीएमओ का व्यवहार ठीक न होने, अपने नाम पर तीन वाहन आवंटित कर डीजल पेट्रोल खर्च करने, कमीशन न देने पर भुगतान न करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा कि 55 हेल्थ वेलनेस सेंटर की एक करोड़ 10 लाख रुपये की निविदा झारखंड की फर्म को मनमाने ढंग से दे दी गई। इसमें मानकाें के विपरीत आधी-अधूरी सामग्री आपूर्ति की गई। तीन वर्ष से इसी फर्म को निविदाएं दी जा रही हैं। सेनेटरी नैपकिन की निविदा भी नियम विरुद्ध तरीके से इसी फर्म को दी गई थी। अनियमितता के खिलाफ मामला हाईकोर्ट पहुंचा। मैनुअल लांड्री की निविदा भी चहेती फर्म को देने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा नि:शुल्क भोजन की निविदा मनमाने ढंग से करने, सूचना मांगने पर आरटीआई कार्यकर्ता को जेल भेजने की धमकी देने, आयुष्मान कर्मचारी से मारपीट करने और उसके खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने, सीएमएसडी स्टोर में एसीएमओ का पद आरक्षित होने के बावजूद डिप्टी सीएमओ को चार्ज देने की शिकायत की। यह भी कहा कि बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर मानक विहीन सामग्री खरीदने की जांच विजिलेंस टीम कानपुर कर रही है। सवायजपुर विधायक ने विधानसभा में भ्रष्टाचार की जांच कराने का मुद्दा उठाया था। वहीं एमएलसी प्रांशुदत्त द्विवेदी ने भी भ्रष्टाचार की जांच के लिए शासन को पत्र लिख चुके हैं। कर्मचारियों का ट्रांसफर कर धन उगाही करने, कई बड़े शहराें में वेशकीमती प्रापर्टी खरीदने की शिकायत कर जांच कराने, सीएमओ व डिप्टी सीएमओ को पद से हटाने, भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।