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कोरोना काल में भी 12 दानियों ने रक्त देकर बचाई जान

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राजीव गोयल। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। कोरोना की विभीषका के बीच जब लोग एक-दूसरे को छूने से भी डरते थे। तब भी कुछ लोग थे, जिन्होंने जरूरतमंदों की मदद के लिए कोरोना की परवाह किए बिना रक्तदान किया।
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मई माह में जब रोज मौतों का सिलसिला जारी था, तब अभिषेक, अनुज, शाहरुख, सलमान, गगन पाठक, विकास, अरविंद, उत्कर्ष दुबे, संजीत समेत 12 ने रक्त दान कर लोगों का जीवन बचाया। वहीं इंजी राजीव अग्रवाल, पंकज, कन्हैय्यालाल जैन, नीलू पांडेय समेत कई लोग ऐसे थे, जो फोन पर सूचना मिलने पर रक्तदान को पहुंच जाते थे। जिले में मई में 21, जून में 44, जुलाई में 30 और अगस्त में 104 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
कायमगंज ब्लाक में तैनात इंजीनियर राजीव गोयल पिछले 16 सालों में 83 बार रक्तदान कर चुके हैं। इनमें 37 बार प्लेट्लेट दान करना भी शामिल है। बताया कि रक्तदान करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। कहते हैं कि रक्तदान करने वालों की रोगप्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।
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खड़ियाई निवासी कन्हैया लाल जैन अब तक 22 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि हर छह माह में रक्त देते हैं। उनका उद्देश्य है कि रक्त के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए। रक्तदान करने से नया रक्त 3 महीने में बनकर पूरा हो जाता है।
जिले में कई ऐसी संस्थाएं हैं, जो रक्तदान के लिए शिविर लगाती हैं। इनमें ब्लड कमांडो फाउंडेशन, श्री श्याम सेवा परिवार, कर्तव्य, भारत विकास परिषद, गायत्री परिवार, हैल्पेज फाउंडेशन आदि हैं।
लोहिया अस्पताल की ब्लड बैंक में ओ-निगेटिव ग्रुप का ब्लड नहीं है। इसके अलावा ए-पॉजटिव 17, ए-निगेटिव दो, बी-पॉ जटिव 26, बी-निगेटिव एक, ओ-पॉजटिव 25, एबी-पॉजटिव चार और एबी-निगेटिव तीन यूनिट ब्लड मौजूद है।

कन्हैया लाल जैन। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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