फर्रुखाबाद। डी-फार्मा कोर्स में एडमिशन के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जी मार्कशीट देने के मामले में न्यायालय ने माही कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के चेयरमैन इंजीनियर रजत त्रिपाठी को अभियुक्त के रूप में तलब किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जयवीर सिंह ने परिवादी अनमोल जलोटा की शिकायत पर यह आदेश पारित किया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खतराना निवासी अनमोल जलोटा ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। उसमें बताया कि उसने सत्र 2017-18 में माही कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में डी-फार्मा करने के लिए दाखिला लिया था। कॉलेज के चेयरमैन व जनपद इटावा के पक्का बाग तिराहा निवासी रजत त्रिपाठी ने डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से कोर्स पूरा कराने का आश्वासन दिया।
अनमोल जलोटा ने आरोप लगाया कि उससे तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये तथा उसके चाचा विनय कुमार जलोटा से 60 हजार रुपये लिए गए, जिनकी रसीदें भी दी गईं। लंबे समय तक परीक्षा टालने के बाद फरवरी-नवंबर 2020 के बीच उसे गीतांजली यूनिवर्सिटी, उदयपुर (राजस्थान) की मार्कशीट दी गई, जो जांच कराने पर फर्जी व कूटरचित पाई गई।
विश्वविद्यालय से संपर्क करने पर स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार की कोई मार्कशीट जारी ही नहीं हुई थी। जब प्रार्थी ने अपने रुपये वापस मांगे तो अभियुक्त ने इन्कार कर दिया।
पुलिस में शिकायत और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर मामला न्यायालय पहुंचा। न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजी व मौखिक साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त इंजीनियर रजत त्रिपाठी को धारा 420 व 468 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत तलब किए जाने का आदेश दिया। अभियुक्त को सम्मन जारी कर तीन फरवरी को न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिया गया है।