फोटो-15 लोहिया अस्पताल के बर्न यूनिट में परिजनों से जानकारी लेते सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार। स्रो
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मामला सामने आया है। यहां 20 फीसदी झुलसे एक दो साल के मासूम बच्चे को इलाज के बजाय सैफई रेफर कर दिया गया। अधिवक्ता व परिजन की शिकायत पर सीएमओ अवनींद्र कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधीनस्थों की क्लास लगाई और जांच के आदेश दिए।
फतेहगढ़ के ग्वालटोली निवासी शेर सिंह का पुत्र आसू बुधवार सुबह दूध से 20 फीसदी झुलस गया था। उसे बृहस्पतिवार को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात में इमरजेंसी में इलाज चलता रहा। शुक्रवार सुबह परिजन को पता चला कि डॉक्टर ने बच्चे को सैफई रेफर कर दिया है। इसकी जानकारी होने पर अधिवक्ता धर्मवीर गौतम ने सीएमओ अवनींद्र कुमार को सूचना दी। सीएमओ दोपहर करीब एक बजे बर्न यूनिट पहुंचे और बच्चे की मां डोली से जानकारी ली। डोली ने बताया कि सुबह सर्जन रोहित तिवारी आए थे और उन्होंने बच्चे को रेफर कर दिया। सीएमओ ने पत्रावली देखी और स्टाफ नदारद मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सीएमएस जगमोहन शर्मा और सर्जन रोहित तिवारी को तलब किया। सीएमओ ने मात्र 20 फीसदी झुलसे बच्चे का भी इलाज न कर पाने पर गहरी नाराजगी जताई और इसे गंभीर लापरवाही बताया।
सर्जन ने बताया कि एनेस्थेटिस्ट मेडिकल अवकाश पर हैं, इसलिए बच्चे को रेफर किया गया था। सीएमओ को पता चला कि वह आगरा में अपना अस्पताल चला रहे हैं। सीएमओ ने डॉक्टर की बीमारी का सच पता कराने के लिए जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यदि स्टाफ अवकाश पर था, तो दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए थी।