कर्बला में वक्फ संपत्ति की चेयरमैन सैयद अली जैदी को जानकारी देते अधिवक्ता काजी जफर अहमद। संवाद
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फर्रुखाबाद। वक्फ संपत्तियों पर हो रहे कब्जों की हकीकत परखने शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन यहां पहुंचे। कर्बला में उनके सामने ही संपत्तियों के रहनुमा बनने वाले दो गुटों में भिड़ंत की नौबत आ गई। बात बढ़ती देख चेयरमैन ने दखल देकर शांत किया। उन्होंने जसमई, लोहाई रोड, मदारबाड़ी आदि इमामबाड़ा की जमीनों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
चेयरमैन सैयद अली जैदी शनिवार दोपहर डेढ़ बजे रकाबगंज स्थित दरगाह अली अब्बास पहुंचे। कौम के लोगों से कहा कि पुरखों की संपत्ति बचानी है। सभी को ईमानदारी से लगना है। कहा कि हमारी मस्जिदों और कर्बला के नाम काफी संपत्ति है। हम सब मिलकर इसको बचा लेंगे तो मस्जिद या कर्बला के नाम पर चंदा मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसके बाद चिलसरा रोड स्थित कर्बला पहुंचे। आसपास पड़ी वक्फ की जायदाद की जानकारी ली। बताया गया कि कुछ जगह पर ग्रामसभा ने कब्जा कर लिया था। चेयरमैन मौके पर पहुंचे तो शिया समुदाय के दो गुट आपस में विवाद करने लगे। दोनों गुट एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देने लगे तो चेयरमैन ने दखल देकर दोनों पक्षों को शांत किया। वह पूरे अमले के साथ जसमई शिया वक्फ संपत्ति पर बना उर्मिला राजपूत का स्कूल देखा। इसके बाद ठंडी सड़क पर लाला गौर हरी अग्रवाल के कब्जे की भूमि का भी निरीक्षण किया। इसके बाद घेर शामू खां में आफताब हुसैन के आवास पर मजलिस में हिस्सा लिया।
उन्होंने लोहाई रोड स्थित वक्फ संपत्ति को भी देखा। उन्होंने साथ चल रहे अफसरों से सभी संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। चेयरमैन ने कहा कि प्रदेश भर में शिया वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा की जाएगी। इसीलिए वह मौके के हालात देखने निकले हैं।
काबिज लोगों को बेदखल कराने की कार्रवाई होगी। देर शाम वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। उनके साथ मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली, मौलाना फरहत अली जैदी, मुन्ना मीरजी, अनीस अहमद, वारिस अली, मिन्ना खां, अंबार अली, हिलाल शाफिकी, सैयद मुजफ्फर अली आदि थी।