फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदर में उमड़े फरियादी, बिगड़ी व्यवस्था

Tue, 07 Apr 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अमृतपुर में जिलाधिकारी ने तहसील दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सात फरियादियों को ही न्याय मिल सका। एक विकलांग अपने परिजनों के साथ कंधे पर सवार होकर आया लेकिन न्याय न मिलने पर वह मायूस होकर लौट गया। इस दौरान 56 प्रार्थना पत्र आए। सदर में फरियादियों की भीड़ उमड़ने से व्यवस्था भंग हो गई। कई फरियादियों को रिसीविंग नहीं मिल सकी।
विज्ञापन


जिलाधिकारी एनकेएस चौहान  की अध्यक्षता में मंगलवार को अमृतपुर में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। यहां जैनापुर के प्रधान कुंवरपाल सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर चकरोड से कब्जा हटवाने की मांग की । पूर्व माध्यमिक विद्यालय, ताजपुर के प्रधानाध्यापक राजेंद्र सिंह यादव ने हैंडपंप रिबोर कराने, सुनीता देवी निवासी किराचन ने लोहिया आवास में सोलर लाइट  लगवाने, ऊधरनपुर लीलापुर के बाबूसिंह ने दबंगों से अपनी जमीन मुक्त कराने की मांग की। रामपुर

जोगराजपुर के विकलांग लाल सिंह को उनके भाई कंधे के सहारे तहसील दिवस लेकर आए। लालसिंह ने विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने की मांग की। सीएमओ ने कहा कि पुलिस भर्ती में चिकित्सकों की ड्यूटी लगी है। इसलिए अभी प्रमाणपत्र नहीं बन सकेगा। मुजहा के जयप्रकाश सिंह ने ट्रांसफार्मर बदलवाने की फरियाद लगाई। कुबेरपुर के गंगाशरण दीक्षित ने बिजली का
विज्ञापन


बिल माफ कराने की गुहार लगाई। राकेशचंद्र शर्मा निवासी करनपुरदत्त ने अमृतपुर से करनपुरदत्त तक बनाए गए मार्ग की जांच करवाए जाने की मांग की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विजय यादव, सीएमओ राकेश कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी हिमांशुदत्त द्विवेदी, उप जिलाधिकारी लालजी मिश्र, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी योगराज सिंह और तहसीलदार आरपी चौधरी आदि मौजूद रहे।

सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में उमड़ी भीड़ से प्रार्थना पत्र पंजीकरण व्यवस्था फेल हो गई। महिला, पुरुष और विकलांग घंटों लाइन में लगे रहे। फिर भी 50 प्रतिशत फरियादी बिना रिसीविंग नंबर के मायूस लौट गए। अधिकतर महिलाएं समाजवादी पेंशन की शिकायत लेकर आई थीं। करीब 100 प्रार्थना पत्र आए लेकिन 12 लोगों को ही राहत दी जा सकी। यहां अपर जिलाधिकारी मनोज सिंघल, एसडीएम अशोक प्रताप सिंह और नगर क्षेत्राधिकारी वाईपी सिंह ने पीड़ितों की

समस्याएं सुनीं। इस दौरान फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। पंजीकरण काउंटर पर एकल खिड़की व्यवस्था से फरियादियों को लाइन लगानी पड़ी। 2 बजे के बाद 50 प्रतिशत फरियादियों के प्रार्थना पत्र पंजीकृत किए बगैर जमा किए गए। पावती रसीद न मिलने से भीड़ ने नाराजगी जताई लेकिन उन्हें समझा दिया गया। यहां मोहल्ला बागरुस्तम की जरीना, पिपरगांव की सतेंद्र सिंह, अजय सिंह, अजीम बेगम, तराई की उर्मिला, सावित्री देवी, भाऊटोला की अर्चना और देवकी आदि महिलाओं

ने दिए प्रार्थना पत्र में समाजवादी पेंशन की फरियाद लगाई। ग्राम सभा नूरपुर के ऋषिपाल, अखिलेश कुमार, जहांगीर और नईम ने कहा कि गांव में काली मंदिर और मस्जिद के पास शराब ठेके को बंद कराया जाए। खतराना के धीरेंद्र कुमार और कांशीराम कालोनी की रहने वाली तारा देवी ने बीपीएल श्रेणी के तहत रियायती दर पर एलपीजी गैस कनेक्शन दिलाए जाने का प्रार्थना पत्र दिया। लोहापीटा समाज की राजवाई और कमला देवी ने आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र बनवाने की

फरियाद लगाई। सुभाष नगर निवासी प्रशांत सक्सेना ने बजरिया फील्ड की सफाई को प्रार्थना पत्र दिया। ग्राम सभा सिरौली के प्रधान उदय प्रकाश पाल ने कहा कि गांव का नलकूप संख्या 180 खराब है। फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। नलकूप ठीक करवाया जाए। फर्रुखाबाद यूथ ब्रिगेड के सुभाष कश्यप, आशाराम राजपूत, संजू शर्मा और सुशील कश्यप ने भीकमपुरा नाले का निर्माण कराने की मांग की। तहसीलदार संजीव ओझा ने बताया कि 100 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से 12 का निस्तारण कर दिया गया।

कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार  एसडीएम की गैर मौजूदगी में तहसीलदार ने समस्याएं सुनीं। यहां  87 फरियादाें में से 14 का मौके पर निस्तारण किया गया।  तहसील दिवस में किसी सक्षम अधिकारी को न पाकर अधिकांश फरियादी बैरंग लौट गए। तहसील सभागार में तहसीलदार के अलावा कोई अन्य अधिकारी नजर नहीं आया। उनके साथ सीओ, बीडीओ व अन्य अधिकारी तो बैठ रहे लेकिन फरियादियों को अकेले तहसीलदार को जूझते देखा गया। इस दौरान भाकिमयू के

कार्यकर्ताओं ने शमसाबाद विद्युत उपकेंद्र पर 15 दिनों से ओसीबी फुंकी होने, फैजबाग के पास जल निकासी न होने से खराब हुई सड़क को बनवाने, ग्राम प्रधान और एएनएम को प्रतिवर्ष गांव की सफाई और दवाओं के छिड़काव के लिए मिलने वाली राशि की जांच कराने, बारिश से तबाह हुई फसल का सही आंकलन कराकर किसानों को मुआवजा दिए जाने तथा नहरों व

माइनरों में पानी छोड़े जाने की मांग की। नवाबगंज विकास खंड के गांव अचरा तकीपुर निवासी नितिन कुमार ने जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर ग्राम विकास अधिकारी पर  सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। इस  पर बीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें