फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर होने वाले खर्च का भुगतान पीएफएमएस प्रणाली से किया जाता है। अगस्त से शुरू की प्रक्रिया के बावजूद जिले की 42 ग्राम पंचायतों में अभी तक भुगतान शुरू नहीं किया गया। इससे ग्राम पंचायतों के विकास कार्य ठप हैं और धनराशि खातों में डंप है।
जनपद में 600 ग्राम पंचायतें हैं। अगस्त से सभी ग्राम पंचायतों में चेक या डीडी से भुगतान की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। इसके साथ ही पीएफएमएस प्रणाली से भुगतान के लिए ग्राम प्रधान व सचिवों की डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर) बनाकर उन्हें डोंगल उपलब्ध कराए गए। इस प्रक्रिया से भुगतान में प्रधानों व सचिवों ने रुचि नहीं ली। इससे धीमी गति से प्रक्रिया आगे बढ़ी। दिसंबर तक करीब 350 पंचायतों में भुगतान शुरू हो सका। जबकि जनवरी में यह संख्या 558 तक पहुंच गई।
इस बीच ग्राम पंचायतों के खातों में 83.20 करोड़ रुपये डंप होने पर निदेशक तक पत्राचार कर चुके हैं। हालात यह हैं कि अब तक कुल 11163 वाउचरों से करीब 27 करोड़ का ही भुगतान किया जा सका। वहीं 42 ग्राम पंचायतों में अगस्त से अब तक ग्राम पंचायत के खातों के कोई भुगतान ही नहीं किया गया। कोई प्रियासाफ्ट में तकनीकी कमी का रोना रो रहा तो किसी को भुगतान करने की प्रक्रिया ही समझ नहीं आ रही।
इससे ब्लाक बढ़पुर के 6, कायमगंज के 10, कमालगंज की 11, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज व राजेपुर की चार-चार, जबकि शमसाबाद की तीन ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों को डोंगल दिए जा चुके हैं। भुगतान पीएफएमएस प्रक्रिया से ही किया जाना है। 13 ग्राम पंचायतों में तकनीकी समस्या से डीएससी पंजीकृत नहीं हो पा रही। इसकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। इसी सप्ताह समस्या निस्तारित होने की उम्मीद है।