फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों के चेक या डीडी से भुगतान पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अगस्त से शुरू पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली पांच माह बाद भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी। इससे विकास कार्यों में रोड़ा लग रहा है। इसके चलते निदेशक पंचायती राज ने सभी ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस प्रणाली लागू न होने पर डीपीआरओ का अवकाश रद करते हुुए छुट्टी के दिन भी कार्यालय खोलकर काम पूरा कराने के आदेश दिए हैं।
जनपद में 600 ग्राम पंचायतें हैं। शासन से अगस्त में जारी आदेश में कहा गया था कि अब राज्य वित्त व 14वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों का भुगतान पीएफएमएस प्रणाली से किया जाएगा। इसके तहत कार्यदायी संस्था व निर्माण सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्म के खाते में सीधे भुगतान पहुंचेगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा। विभागीय हीलाहवाली से पांच माह बाद भी मात्र 250 ग्राम पंचायतों में ही इस प्रणाली से भुगतान शुरू हो सका। 350 ग्राम पंचायतों में प्रक्रिया लागू न होने से प्रधानों के मानदेय का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है।
इसी को देखते हुए पंचायतीराज निदेशक डा.ब्रह्मदेव तिवारी ने 7 दिसंबर को डीपीआरओ को आदेश जारी किया। इसमें कहा कि पीएफएमएस से संबंधित सभी तकनीकी कार्यों को पूर्ण कराए बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। ग्राम पंचायतों के खातों में प्रियासाफ्ट व पीएफएमएस पोर्टल पर स्कीम मैपिंग, बैंक ब्रांच मैपिंग, डबल एकाउंट करेक्शन, एलजीडी मैपिंग, डीएसएस पंजीकरण व इनीशिएट का काम अभी पूरा नहीं किया गया है। इसके साथ ही ठेकेदार, कार्मिक व अन्य भुगतान भी होने हैं। जब तक यह कार्य पूर्ण कर सभी ग्राम पंचायतों में धनराशि का भुगतान शुरू नहीं हो जाता तब तक डीपीआरओ के सभी प्रकार के अवकाश निरस्त किए जाते हैं। सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर काम पूरे कराए जाएंगे। डीडी पंचायतीराज अभय कुमार शाही ने बताया कि डीपीआरओ को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।